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युद्ध लड़ने की ताकत नहीं, आए दिन घुसपैठ:पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 मार्च को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 50वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया


गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 मार्च को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 50वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया और जवानों को संबोधित किया। बता देें कि पीएम मोदी लगातार तीसरे दिन एनसीआर में आए हैं। 
यहाॅ पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि एक संगठन के नाते आपने 50 वर्ष पूरे किए हैं यह अपने आप में उपलब्धि है। जिन लोगों ने 50 साल तक इस संगठन को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है वह सभी बधाई के पात्र हैं। मैं उनका अभिनंदन अभिनंदन करता हूं।पड़ोसी देश युद्ध लड़ने में सक्षम नहीं इसलिए घुसपैठ करता है पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत में ही पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा की यह उपलब्धि इसलिए और बड़ी है क्योंकि हमारा पड़ोसी युद्ध लड़ने में सक्षम नहीं है। युद्ध लड़ने के लायक नहीं है, लेकिन आए दिन छल करता है। घुसपैठ करता है। ऐसे में देश की सुरक्षा और संसाधनों की सुरक्षा बेहद मुश्किल काम है, लेकिन आपके शानदार प्रदर्शन के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। परेड के शानदार प्रदर्शन के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। उन्होंने पुलिस पदक और राष्ट्रपति पदक जीता है वह भी बधाई के पात्र हैं। नए भारत की नई और आधुनिक व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने में आपने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होने कहा कि  सिर्फ शासन में बैठे लोग कोई फोर्स बनाने का निर्णय लें यह काफी नहीं है जब हजारों लोग मिल कर अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं तब जाकर इस तरह की फोर्स का निर्माण होता है। पीएम बोले अगर मैं इस परेड में नहीं आता तो शायद बहुत कुछ गंवा देता। सीआईएसफ बेहद कठिन प्रेशर में काम करती है साल के 365 दिन देश की रक्षा में जुटी रहती है।किसी एक व्यक्ति को सुरक्षित करना बेहद आसान है लेकिन किसी ऐसी संस्था को सुरक्षित करना जहां रोज 3000000 लोग आते जाते हैं बेहद मुश्किल है। यह किसी वीआईपी की सुरक्षा से भी लाखों गुना ज्यादा मुश्किल काम है, जो सीआईएसफ करता है। इसके लिए बधाई का पात्र हैं।पीएम बोले अगर आपके काम में कोई कठिनाई है तो वह मेरे जैसे लोग हैं, जो खुद को भी वीआईपी मानते हैं। अगर आप उनको चेक कर लेते तो वह यहां तक कह देते हैं कि मैं आपको देख लूंगा लेकिन आप उसके बावजूद हाथ पैर जोड़कर भी उनकी जांच भी करते हो और उनको संतुष्ट भी करते हो। 
पीएम मोदी बोले मेरा यह सुझाव है कि एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशन पर एक डिजिटल म्यूजियम बनाएं, जिसमें यह दिखाया जाए कि सीआईएसफ कैसे आगे बढ़ा और कैसे सुरक्षा बनाए रखता है। प्रधानमंत्री बोले सीएसएफ में बेटियों की संख्या बढ़ना अपने आप में बधाई के पात्र हैं।अभी एयरपोर्ट और मेट्रो का लगातार विस्तार होगा और हम इस तरह की सेवाएं देने वाला सबसे बड़ा देश बनेंगे। हमें भी सुरक्षा करने वाला सबसे बड़ा संगठन बनने के लिए तैयार रहना चाहिए। सीआईएसफ सिर्फ सुरक्षा नहीं करता, बल्कि हर मानवीय पहलू से जुड़ा हुआ। आपदा के समय भी सीआईएसफ का योगदान हमेशा सराहनीय रहा है।पिछले दिनों केरल में आई भीषण बाढ़ के दौरान सीएस ने राहत और बचाव के काम में दिन रात एक कर दिया और हजारों लोगों की जान बचाई। देश ही नहीं विदेश में भी जब मानवता संकट में आई है तो मदद की है। कितने ही पिछड़ों को उनके बच्चों और बच्चों को मां-बाप से मिलाने का काम सीआईएसफ ने किया है। सीआईएसएफ और अन्य पुरुषों के बलिदान से ही नए भारत का सपना साकार हो पा रहा है। मैं सभी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।इस संगठन में सबसे ज्घ्यादा बेटियां हैं, उनका अभिनंदन। बेटियां सीआईएसफ और देश को एक नई ताकत देती हैं मैं उन लोगों का अभिनंदन करता हूं जिन्होंने अपनी बेटियों को यूनिफॉर्म बनाकर और सीआईएसएफ और फोर्स में भर्ती कराया।
सिर्फ शासन में बैठे लोग कोई फोर्स बनाने का निर्णय लें यह काफी नहीं है जब हजारों लोग मिल कर अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं तब जाकर इस तरह की फोर्स का निर्माण होता है। पीएम बोले अगर मैं इस परेड में नहीं आता तो शायद बहुत कुछ गंवा देता। सीआईएसफ बेहद कठिन प्रेशर में काम करती है साल के 365 दिन देश की रक्षा में जुटी रहती है।

आतंक ने दिए घाव
बीते कुछ दशकों में जितने घाव आतंक ने दिए हैं वह असहनीय है। पिछले दिनों पहले पुलवामा और उड़ी में जो हुआ वह बहुत पीड़ा देता है, लेकिन हम यह पीड़ा आप अनंत काल तक नहीं सह सकते। बहुत हुआ अब। किसी ना किसी को कहीं ना कहीं एक बड़ा फैसला लेना ही पड़ता है। यह मेरा सौभाग्य है कि करोड़ों देशवासियों की ताकत से आप की ताकत के भरोसे हमने कुछ कड़े फैसले लिए। देश की नीति को हमने नई दिशा दी है।

वर्दीधारी बेटे की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी
सरकार की भी जिम्मेदारी है कि उस परिवार को यह विश्वास है कि उसका बेटा सुरक्षित है जो अपने बेटे को वर्दी पहना कर सरहद पर भेजता है। हमारी सरकार इसी कड़ी में हर वह आधुनिक उपकरण खरीद रही है जिससे हमारे जवान सुरक्षित रह सके। अमेठी में देश की सबसे अत्याधुनिक राइफल का निर्माण किया जाएगा। जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए सरकार ने पदकों की संख्या भी बढ़ाई है कई नए पदक भी सम्मान की श्रेणी में शामिल किए गए हैं।
जितनी तेज गति से भारत का विकास हो रहा है उतनी ही तेजी से सीआईएसफ का दायित्व भी बढ़ने जा रहा है। वीआईपी कल्चर में कुछ कमी आ सके। सीआईएसएफ एक ऐसी टास्क फोर्स का गठन करें जो आतंकियों की कार्यप्रणाली पर अध्ययन करें।



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