दो सेवानिवृत्त मैनेजर घोटाले में गिरफ्तार
विजया बैंक की इंदिरानगर शाखा


लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने करीब 13 साल पुराने लाखों के घोटाले के मामले में विजया बैंक के दो सेवानिवृत्त मैनेजरों को गिरफ्तार किया है। तीन अन्य आरोपित बैंककर्मियों पर भी जल्द जांच एजेंसी का शिकंजा कसेगा। 
पैक्सफेड विभाग के परियोजना अभियंता नवल प्रकाश सिंह ने 31 अगस्त 2006 को लखनऊ के गाजीपुर थाने में धोखाधड़ी व षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि विजया बैंक की इंदिरानगर शाखा के बैंककर्मियों की सांठगाठ से लाखों की हेराफेरी की गई है। बताया गया कि इस मुकदमे में गाजीपुर पुलिस कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं कर सकी थी। हाई कोर्ट ने मामले की जांच ईओडब्ल्यू से कराने का आदेश था।डीजी ईओडब्ल्यूध्एसआइटी आरपी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि एक ठेकेदार ने पैक्सफेड के विजया बैंक के खाते से लाखों रुपये फर्जी तरीके से निकलवा लिये थे। चेक के नंबरों से छेड़छाड़ कर यह घपला किया गया था। 12 लाख से अधिक रकम की रिकवरी नहीं हो पाई थी। जांच में दोषी पाये गये विजया बैंक की इंदिरानगर स्थित शाखा के तत्कालीन प्रबंधक मदनमोहन मालवीय मार्ग, हजरतगंज निवासी रामचंद्र गोपलानी (अब सेवानिवृत्त) तथा तत्कालीन सहायक प्रबंधक बिसवा, सीतापुर निवासी खुर्शीद अहमद (अब सेवानिवृत्त) दोषी पाये गये। ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर रविन्द्र कुमार मिश्रा, अमरजीत यादव, रमेश चन्द्र यादव व मुख्य आरक्षी मलखान सिंह की टीम ने गुरुवार को आरोपित दोनों पूर्व बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।तीन अन्य आरोपित बैंककर्मियों की भी तलाश की जा रही है। जिस ठेकेदार ने बैंककर्मियों से सांठगाठ कर करोड़ों का घपला किया था, अभी उस पर शिकंजा नहीं कस सका है। जांच में आरोपित ठेकेदार के लखनऊ व मुंबई के पते फर्जी पाये गये हैं। उसके बारे में और गहनता से जांच की जा रही है।


अधिक राज्य की खबरें