चुनाव ड्यूटी कार्मिकों की समस्याओं का होगा समाधान
चुनाव ड्यूटी


लखनऊ। चुनाव ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों को मानदेय एवं अन्य समस्याओं के सम्बन्ध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश के मुख्य सचिव डा. अनुप चन्द पाण्डे एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश एल वेकटेंश्वर लू से मिला। प्रतिनिधि मण्डल ने  चुनाव डियुटी में कार्यरत कार्मिकों के सम्बंध में कई समस्याओं एवं सुविधाओं के सम्बंध में लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराते हुए इनके निराकरण की मांग रखी। मुख्य सचिव ने इस सम्बंध में प्रमुख सचिव र्कािर्मक मुकुल सिंघल को तत्काल समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिये। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश ने प्रतिनिधि मण्डल को चुनाव डियुटी में कार्मिकों को बेहतर सुविधा देने का वायदा किया। 
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी, महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, संगठन मंत्री संजीव गुप्ता, संयुक्त मंत्री अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव और दिवाकर राय ने मुख्य सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को बताया कि लोक सभा निर्वाचन में प्रदेष के लगभग सभी कार्मिकों की ड्यूटी लगायी जाती है। जिसमें कुछ दायित्वों को करने वाले कार्मिकों को मानदेय नही दिया जाता है जबकि वे दिन-रात चुनाव कार्य को सम्पादित करते हैं। मास्टर ट्रेनर लगभग एक माह कार्य करते हैं। चुनाव के दौरान तमाम चुनावी व्यवस्थाओं जैसे प्रषिक्षण, अनुपस्थिति सूचना बनाने, पार्टीवार कार्मिकों के लिफाफे बनाना, रिजर्व कार्मिकों की ड्यूटी लगाना, माइक्रो आब्जर्बर एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट लेना, एवीएम का रखरखाव आदि को मानदेय नही मिलता है, जबकि वे महीनों कार्य करते हैं। उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय एवं भोजन नाष्ता की व्यवस्था शासकीय स्तर पर की जानी चाहिये। रिजर्व कार्मिकों को भी मानदेय एवं भोजन/नाष्ते की व्यवस्था शासकीय स्तर पर होनी चाहिये। परिषद की तरफ से कहा गया कि वेतनमान के अनुसार ही कार्मिक को चुनावी पद का दायित्व सौंपा जाय। एक कार्मिक की एक समय में एक ही पद पर ड्यूटी लगाई जाये जैसे मास्टर ट्रेनर और सेक्टर मजिस्ट्रेट एक साथ नही हो सकते हैं।चुनाव ड्यूटी में बसों को ही लगाया जाये। अब बसों की संख्या प्रदेष में पर्याप्त है। ट्रकों पर कार्मिक पुरूष,महिलाओं को जाने में असुविधा होती है। ऐसे कार्मिक जो वर्तमान में किसी दुघर्टना से ग्रस्त होकर अस्थाई विकलांगता,स्थाई विकलांगता की स्थिति में हों और गंभीर रोग जैसे कैंसर, बाईपास सर्जरी, किडनी रोग से ग्रस्त हो तथा उनके पास स्वास्थ्य अधिकारी का प्रमाण पत्र हो, उन्हें चुनाव कार्य में न लगाया जाये।विभागीय कार्य जिनको उन कार्मिको को कार्य स्थल पर रहकर सम्पन्न करना है, उन्हें बन्द कराना चाहिये क्योंकि कार्य स्थल पर न रहने पर कार्यदायी संस्था गुणवत्ता प्रभावित करेगी। जिन बूथों पर महिला कार्मिक हों वहां बाथरूम अवष्य संचालित हो रहे हों। जो महिला कार्मिक 5 माह से अधिक गर्भवती हैं, को चुनाव कार्य से मुक्त रखा जाना चाहिये। आवष्यक होने पर उन्हें शहर में ही दायित्व दिया जाना चाहिये। कार्मिकों को ड्यूटी स्थल पर शुद्ध पेय जल एवं भोजन नाष्ता की व्यवस्था शासकीय स्तर पर की जानी चाहिए।


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