निजामपुर मल्हौर में लगी सड़क सुरक्षा कार्यशाला
सड़क सुरक्षा की इस कार्यशाला


लखनऊ। शताक्षी एजूकेशन एण्ड डेवलपमेंट सोसायटी ने आज तीन मार्च को निजामपुर मल्हौर  ग्राम पंचायत एक कार्यशाला का आयोजन किया। सड़क सुरक्षा की इस कार्यशाला में स्कूली बच्चों के साथ बड़े बुजूर्गों ने भागीदारी दर्ज कराई। रोड सेफ्टी एडवोकेसी प्रोग्राम के अन्र्तगत ग्राम निजामपुर मे 150 व्यक्तियो को सड़क सुरक्षा सम्बंधित  नियमों व कानूनो की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया । इससे पहले उन वयक्तियो की जागरूकता टेस्ट प्रपत्र भरवाकर उनका परीक्षण किया गया । इस दौरान वक्ताओं ने वाहन चालने, सड़क पर पैदल चलने से लेकर यातायात नियम की बारीक जानकारियों से अवगत कराया। 
 संस्था द्वारा पूर्व मे किये गये सामाजिक कायो पर प्रकाश डाला गया । रोड सेफ्टी के नियमों के पालन सम्बन्धी शपथ भी दिलाये गये। इस अवसर पर सभी ग्रामवासी के वर्कशाप भी कराये गये।शताक्षी एजूकेशन एण्ड डेवलपमेंट सोसायटी सचिव रीना मिश्रा इस दौरान सम्बोधित करते हुए बताया कि  भारत में हर साल 1,20,000 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं और 12,70,000 लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं।अगर आंकड़ों की बात करें, तो भारत में हर छह मिनट में एक मौत सड़क दुर्घटना में होती है और वर्ष 2020 तक यह आंकड़ा हो जाएगा- हर 3 मिनट में एक मौत सड़क दुघर्टना में हो रही है।  यह आंकड़े भी सिर्फ उन दुर्घटनाओं के हैं। जिनके बारे में रिकॉर्ड रहता है। जबकि ग्रामीण इलाकों में कई दुर्घटनाओं के बारे में पता तक नहीं चलता, जिसका सीधा-सीधा मतलब यह है कि सही आंकड़े इससे कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं। पूरे विश्व के मुकाबले अकेले भारत में 10 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन दुर्घटनाओं को कम कैसे किया जाए? ऐसे में हर नागरिक का परम कर्तव्य बनता है कि वह यातायात नियमों का पालन करे।  सबसे जरूरी है कि सड़क से संबंधित मूल नियमों का ईमानदारी से पालन किया जाए। चाहे वो सड़क पर चलनेवाले लोग हों या वाहन। चालक. यदि सभी नियमों का सही तरीके से पालन करेंगे, तो दुर्घटनाएं कम होंगी। सुरक्षा नियमों का पालन बच्चों को सिखाना बहुत जरूरी है और यह तभी संभव है। जब पैरेंट्स और टीचर्स खुद इन नियमों का पालन करें। चलते वक्त हमेशा फुटपाथ का उपयोग करें. जहां फुटपाथ न हों, वहां सड़क के एकदम बाईं ओर ही चलें।कभी भी जल्दबाजी न दिखाएं। सिग्नल तोड़कर या सामने से गाड़ी को आता देख भागकर रोड क्रॉस कभी न करें।सड़क क्रॉस करते वक्त जेब्रा क्रॉसिंग सिग्नल, सब-वे, फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें. जिन जगहों पर ये सुविधाएं न हों, वहां सुरक्षित जगह देखकर क्रॉस करें। ग्रीन सिग्नल के वक्त ही रोड क्रॉस करें या फिर यदि वहां ट्रैफिक पुलिस है, तो उसके निर्देशों के अनुसार सड़क क्रॉस करें। जो लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी भागकर बस न पकड़ें।हमेशा कतार में रहें और उसी के अनुसार बस में चढ़ें। हैंडल पकड़कर रखें।उतरते वक्त भी बस के पूरी तरह से रुकने पर ही उतरें, चलती बस से कभी न उतरें।सड़क क्रॉस करते वक्त या सामान्य रूप से सड़क पर चलते वक्त भी मोबाइल या हैंड्स फ्री का इस्तेमाल न करें. यदि बात करनी है, तो एक सुरक्षित जगह देखकर, रुककर बात करें।हैंड सेट को तेज वॉल्यूम पर रखकर गाने सुनते हुए न चलें, इससे गाड़ी के हॉर्न की आवाज वगैरह आप सुन नहीं पाएंगे।सड़क क्रॉस करते समय दोनों तरफ अच्छी तरह देखकर ही क्रॉस करें। इस अवसर पर संस्थान की प्रबन्धक डा.रीना मिश्रा, डा.सूर्यकुमार तिवारी, श्रीकांत यादव, शशांक चैरसिया, ग्राम प्रधान व अन्य अत्यधिक संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे ।


अधिक राज्य की खबरें