कांग्रेस व भाजपा में कोई अन्तर नहीं : अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि गरीब, किसान, दलित और अल्पसंख्यक मिलकर कुर्सी छीनेंगे।


सहारनपुर, (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सहारनपुर में आयोजित गठबंधन की संयुक्त चुनावी रैली में भाजपा व कांग्रेस पर हमला बोला। अखिलेश ने रविवार को यहां कहा कि कांग्रेस व भाजपा में कोई अन्तर नहीं है। कांग्रेस देश को नहीं बनाना चाहती है। अंग्रेजों से ज्यादा भाजपा दिलों को बांटने का काम कर रही है। 
सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह महापरिवर्तन और देश में नयी सरकार बनाने का गठबंधन है। यह देश को बदलने का और आपस में दूरी को मिटाने का चुनाव है। इसलिए नफरत फैलाने वालों को पहचानो। 

अखिलेश यादव ने कहा कि गरीब, किसान, दलित और अल्पसंख्यक मिलकर कुर्सी छीनेंगे। भाजपा अपने वादे भूल गयी है। मोदी ने कहा था कि कालाधन आयेगा। सत्ता में आने के बाद मोदी की भाषा बदल गयी। मोदी ने पैर के साथ युवाओं की नौकरी भी धो डाली। कुंभ में 56 इंच का सीना नहीं दिखा।
अखिलेश ने कहा कि महापुरुषों के सपनों को हम पूरा करेंगे। गठबंधन देश को बदलने का चुनाव है। देवबंद में दारुल उलूम भी है और मां शाकुम्भरी देवी का मंदिर भी है। दारुल उलूम से मोहब्बत का पैगाम निकलता है। अपना वोट छूटने न पाये। यह महामिलावट नहीं महापरिवर्तन का गठबंधन है। 

अखिलेश ने कहा कि ये हमारे चौधरी चरण सिंह की विरासत को खत्म करना चाहते हैं तो जान लें कि यह गठबंधन चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का गठबंधन है। अखिलेश ने कहा कि चौकीदार की चौकी छीनने का काम करेंगे। हमारे गठबंधन को मिलावट का गठबंधन कहते हैं। ये सराब बताने वाले लोग सत्ता के नशे में हैं। यह मिलावट का गठबंधन नहीं हैं यह परिवर्तन का गठबंधन हैं। ये नई सरकार का गठबंधन है। हमारे व्यापारी भाई भाजपा सरकार में केवल लंच और मंच के लिए रह गए हैं, उनकी तरक्की नहीं हुई। ये किसानों की धरती है। यहां के लोगों ने गन्ना पैदाकर पूरे देश को मिठास देने का काम कर रहे हैं। खेत में गन्ना खड़ा रहे इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।

यह महागठबंधन तो देश में बदलाव लाने के लिए है। सोचना आपको है। आप जानते हैं कि यूपी में गठबंधन ने कैसी सड़कें बनाई हैं। यदि बिजली की समस्या रही होगी तो उसका भी समाधान किया। लैपटॉप बांटना पड़ा वह भी बांटा। इस गठबंधन ने तो बिजली बनाई है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में एक मेगावॉट बिजली नहीं बनी और ये पांच साल में बिजली नहीं दे पाए।


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