आम चुनाव में बहुमत हासिल कर सकता है NDA: पोल ऑफ पोल्स
बीजेपी के गठबंधन को 543 में से 273 सीटें मिलने की संभावना


नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले सामने आए 4 ऑपिनियन पोल्स के औसत नतीजे बताते हैं कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) इस बार भी बहुमत हासिल कर सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि नौकरियों और कृषि मूल्यों की तुलना में इस बार फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा पर है। महापोल के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुआई वाला गठबंधन संसद की 543 सीटों में से 273 सीटें जीत सकता है, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी जादुई आंकड़े से एक ज्यादा है। पिछले चुनाव में इस अलायंस को 330 से ज्यादा सीटें मिली थीं, जो तीन दशकों में मिला सबसे बड़ा जनादेश था। 

पुलवामा आंतकी हमला और पाकिस्तान 
पिछले चार दिनों में सर्वे जारी करने वाली ज्यादातर पोलिंग एजेंसियों का कहना है कि फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले में 40 CRPF जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तान से बढ़े तनाव से मोदी का जनाधार काफी बढ़ा है। CVoter ने एक बयान में कहा, 'आज के भारत में हमने शायद पहली बार बेरोजगारी जैसे मुद्दों के आगे सुरक्षा के मसले को हावी होते देखा है।' एजेंसी ने कहा कि आजीविका और आर्थिक हितों के संदर्भ में बीजेपी खुद को लोगों की नजर में कांग्रेस से बेहतर और अलग साबित नहीं कर पा रही है। हालांकि आतंकवाद पर अंकुश लगाने और उसका जवाब देने की जब बात आती है तो वही प्रतिभागी स्पष्ट तौर पर अंतर महसूस करते हैं। 

अनुमान: सीवोटर का सबसे कम, टाइम्स नाउ का सबसे ज्यादा 
सीवोटर का पोल सबसे कंजर्वेटिव है, जिसने सत्तारूढ़ NDA गठबंधन को 267 सीटें मिलने की संभावना जताई है। वहीं, टाइम्स नाउ-VMR के सर्वे ने सबसे ज्यादा 279 सीटें जीतने की बात कही है। महापोल को देखें तो मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सीटें बढ़कर औसत रूप से 141 हो सकती हैं। 



कांग्रेस का बीजेपी पर आरोप 
आपको बता दें कि 1.3 अरब की आबादी वाले देश में चुनाव पूर्व हुए ऑपिनियन पोल्स में हजारों लोगों की राय ली जाती है और इससे पहले कई बार ये अविश्वसनीय भी साबित हो चुके हैं। इस बार 90 करोड़ लोग वोट देने के योग्य हैं। कांग्रेस ने BJP पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तान पर जवाबी एयर स्ट्राइक का राजनीतिक हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। इसकी बजाय मुख्य विपक्षी पार्टी ने नौकरियों, किसानों की समस्या, महिलाओं के सशक्तीकरण जैसे कई मसलों को प्राथमिकता से उठाया है। 

हालांकि बीजेपी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जोर-शोर से आगे बढ़ रही है। पार्टी ने सोमवार को जारी किए गए अपने संकल्पपत्र में वादा किया है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को दशकों से मिल रहे विशेषाधिकार को वह खत्म करेगी। 

पीएम मोदी का दावा है कि वह पहले से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में लौटेंगे जबकि कांग्रेस का कहना है कि देश के गरीब परिवारों को 70 हजार रुपये सालाना देने के उसके प्लान से उसे सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि देश में चुनाव सात चरणों में कराए जाएंगे और आनेवाले गुरुवार को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। 23 मई को मतगणना होगी और उसी दिन नतीजे भी आएंगे। 


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