पार्टी नेताओं के बीच 16 सीटों पर चर्चा, कई टिप्स दे गए अमितशाह
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह


लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार की देर रात यहां पार्टी मुख्यालय आकर अवध क्षेत्र की 16 सीटों के पार्टी प्रत्याशियों की जीत की संभावनाओं के बारे में गहन समीक्षा की। अवध क्षेत्र की हरदोई, मिश्रिख, खीरी, धौरहरा, बाराबंकी, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, रायबरेली, फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, मोहनलालगंज, कैसरगंज, गोंडा, सीतापुर और उन्नाव की लोकसभा सीटें हैं। यूपी प्रभारी सहित वरिष्ठ नेताओं से मिली जानकारी के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कुछ टिप्स दिये है। 
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सभी 16 सीटों को चार-चार के क्लस्टर में बांटकर वहां के जातीय समीकरण के साथ सपा, बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बारे में भी पदाधिकारियों से जानकारी ली। देवीपाटन, अयोध्या, लखनऊ और सीतापुर के रूप में चार क्लस्टर बनाए गए हैं। बैठक में शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल व अवध क्षेत्र के प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर समेत क्षेत्रीय पदाधिकारियों से यह जानकारी ली कि इन संसदीय क्षेत्रों में जिनके टिकट कटे हैं, वह अपने क्षेत्रों में विरोध के स्वर तो नहीं उठा रहे हैं। यदि ऐसा है तो उनका ये विरोधी रवैया उनके स्थान पर आए नए प्रत्याशियों के लिए रोड़ा तो नहीं बन रहा है। भाजपा ने अवध क्षेत्र की 16 सीटों में से हरदोई (सु.) से सांसद अंशुल वर्मा की जगह जयप्रकाश रावत, मिश्रिख (सु.) से अंजू बाला के स्थान पर अशोक रावत, बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले की जगह अक्षयवर लाल गोंड और बाराबंकी की सांसद प्रिंयका रावत की जगह उपेन्द्र रावत को टिकट दिया है। शाह ने साथ ही यह भी जाना कि भाजपा के प्रत्याशी खासतौर से सांसदों के टिकट काट कर बनाए गए नए प्रत्याशी किस तरह अपने संसदीय क्षेत्रों में विपक्ष के प्रत्याशियों पर चुनाव अभियान में भारी पड़ रहे हैं। इन 16 सीटों में से भाजपा ने अभी अम्बेडकर नगर के प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। इस सीट से भाजपा प्रत्याशी या फिर निषाद पार्टी सरीखे सहयोगी दल का प्रत्याशी उतारा जाए, शाह ने इस पर भी पदाधिकारियों के साथ मंथन किया। शाह ने ओमप्रकाश राजभर की पार्टी और निषाद पार्टी के बारे में भी फीडबैक लिया। कहा, इन दोनों के साथ घोषित होने से बची आठ सीटों पर भी फैसला एक-दो दिन में ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्र के क्षेत्रीय, जिला व मंडल स्तर के पुराने पदाधिकारियों से भी संपर्क कर उन्हें चुनाव में सक्रिय किया जाए। इसके साथ अनुसूचित मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा व युवा मोर्चा सरीखे सभी मोर्चों को सघन जनसम्पर्क के काम में लगाया जाए। सघन जनसंपर्क में केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं के चिन्हित किए गए लाभार्थियों से जरूर मिलकर उन्हें सरकार द्वारा दी गई राहत के बारे में याद दिलाया जाए। इसके साथ लोकसभा क्षेत्रों में ऐसे लोग जो अपने-अपने समाज का नेतृत्व करते हों, उन बुद्धिजीवी व प्रतिष्ठित नागरिकों का भी समर्थन लिया जाए। शाह ने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों व बड़े नेताओं की सभाएं तो होंगी, लेकिन इस दौरान बूथ कमेटियों और आरएसएस के स्वयंसेवकों को योजनाबद्ध तरीके से संपर्क अभियान में लगाया जाए। मतदान के दिन वोटरों को घर से निकालने में इन बूथ कमेटियों और स्वयंसेवकों की अहम भूमिका होगी। 

सांसद व समर्थकों ने की नारेबाजी

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जब पार्टी कार्यालय में जब जाने लगे, उसी समय अपना टिकट कटने से क्षुब्ध बांदा के सांसद भैरव प्रसाद मिश्र और उनके समर्थकों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। पर, शाह बैठक करने के लिए आगे बढ़ गए। मिश्र ने चिल्ला कर टिकट कटने का कारण जानना चाहा किंतु भाजपा नेताओं इस तरफ ध्यान नहीं दिया। हालांकि बाद में कुछ नेता उन्हें समझाने का प्रयास करते दिखे।  


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