भाजपा के छदम राष्ट्रवाद और पाकिस्तान विरोध का भांडा फूटा: प्रमोद तिवारी
वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी


लखनऊ। कांगे्रस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनतापार्टी के छदम राष्ट्रवाद और पाकिस्तान विरोध का आखिर भांडा फूट ही गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान आखिर दिल की बात जुबांॅ पर ले ही आये कि ‘‘वे चाहते हैं कि नरेन्द्र मोदी दोबारा भारत देश के प्रधानमंत्री बने’’, इससे पाकिस्तान का भला होगा।  
श्री तिवारी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अब तो यह समझ ही गये होंगे कि मोदी के जीतने के बाद खुशियांॅ पाकिस्तान में मनायी जायेगी, और जश्न भी पाकिस्तान में ही होंगे, तथा यह भी साफ हो गया है कि पाकिस्तान का हित मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने में ही है।श्री तिवारी ने कहा है कि कल तक मोदी जी की पाकिस्तान के खिलाफ फर्जी, झंूॅठी और भ्रामक भाषणबाजी की सच्चाई अब देश की जनता के सामने आ गयी है। पहले भी मोदी जी बिना बुलाये पाकिस्तान गये थे और वहांॅ पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मांॅ के पैर छुये थे । मोदी ने आई. एस. आई. को पठानकोट एयरबेस के मुआयने की अनुमति दी थी, तथा तब तक वे रूठे रहे और कहते रहे कि जब तक नवाज शरीफ भारत नहीं आयेंगे, तब तक मैं देष के ‘‘प्रधानमंत्री’’ पद की शपथ नहीं लंूूॅगा। श्री तिवारी ने कहा है कि हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हैं जिसमें उसने कहा है कि मेरे सामने जो तथ्य हैं, हम पुनर्विचार याचिका (रिव्यू) पर सुनवाई करेंगे। राफेल युद्धक विमान कितने में खरीदा गया ? और अनिल अंबानी की कम्पनी को कैसे इसका सहयोगी बनाया गया ? और रु. 30,000 करोड़ (तीस हजार करोड़ रुपये) का भुगतान किया गया । अब देश के सामने यह भी सच्चाई सामने आ गयी है कि 526 करोड़ रुपये का राफेल युद्धक विमान 1670 करोड़ रुपये में कैसे लिया गया, श्री तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जी अपना भाषण याद करें जिसमें वे कहते थे कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनके पक्ष मे फैसला देते हुये क्लीन चिट दे दी  है’’। बन्द लिफाफे में जो तथ्य मोदी सरकार ने  सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखे थे, और उन्होंने कहा था कि राफेल विमान की कीमत कैग को बता दी गयी है- मोदी सरकार की ये बातें गलत साबित हुई। श्री तिवारी ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भ्रामक तथ्य रखकर भ्रमित करने का प्रयास किया गया था किन्तु अब सर्वोच्च न्यायालय के तीन माननीय न्यायाधीशों ने कहा है कि वह पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी । इससे देश की जनता के सामने सच्चाई आ जायेगी और साबित हो जायेगा कि मोदी सरकार राफेल विमान की खरीद पर फर्जी और झंूॅठे भाषणबाजी करती रही है।


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