नरेंद्र मोदी की सरकार की वापसी नहीं होगी: अखिलेश
बसपा मुखिया मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव


जीनएनएस
बदायूं। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश में एकजुट हुए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल की निगाह अब दूसरे चरण के मतदान वाले क्षेत्रों पर है। बसपा मुखिया मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख चैधरी अजित सिंह आज बदायूं में चुनाव ताप को तेज करने पहुंचे।
बसपा मुखिया मायावती के बाद माइक संभालने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पहले चरण के मतदान से तय हो गया है कि नरेंद्र मोदी की सरकार की वापसी नहीं होगी। अब तो हमारा महागठबंधन ही देश को नया पीएम देगा। यह तो दिलों का गठबंधन है। बहुजन समाज पार्टी के साथ तो अपना दिलों का गठबंधन है। उन्होंने बदायूं के साथ सपा के गहरे रिश्तों को बयां किया। अखिलेश यादव ने कहा कि कहा सपा बसपा साथ आ गए तो वोटों की कोई कमी नहीं है। बस वोटों की आंधी को बूथों तक पहुंचाना है। पांच साल में किसान के खाद की चोरी हो गई। युवाओं की नौकरी की चोरी हो गई। भला कैसे आए अच्छे दिन।सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पहले चाय वाले बनकर आए थे अब चैकीदार बनकर आए हैं।  चाय उनकी अच्छी नहीं थी। छोटे बड़े सभी चैकीदारों की चैकी छीननी है। कहा कि भाजपा अंग्रेजों की नीति  फूट डालो राज करो की नीति अपनाते हुए समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वह देश को आगे बढाने का दावा कर रहे हैं जबकि हर बात में हम पीछे हैं गरीबी में आगे बढ़ गए। योगी पर तंज कसा और कहा कि भाजपा वालों ने भगवानों की जाति बता दी इसलिए भगवान भी उनसे नाराज हैं। अपने 15 मिनट के भाषण में उन्होंने भाजपा पर ही निशाना साधा। बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव गठबंधन के पक्ष में आज चुनावी सभा को बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने संबोधित किया। एसएस गल्र्स इंटर कॉलेज में सपा-बसपा और रालोद गठबंधन की चुनावी सभा में मायावती ने कहा कि जनता का पूरा साथ गठबंधन को मिल रहा है। पहले चरण के मतदान के बाद से लगने लगा कि नमो-नमो वाले जा रहे हैं, अब तो तय है कि भीम वाले सत्ता में आ रहे हैं। मायावती ने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा मजाक बन गया। उन्होंने कहा कि अगर बसपा सरकार में आयी तो नकद पैसा नहीं, नौकरियां दी जाएंगी। भाजपा ने नकद देने के अपनी घोषणा पर भी कायम नहीं रह पाई। अब तो तय हो गया है कि भाजपा की सरकार नहीं लौटेगी। गठबंधन की प्रदेश में दूसरी संयुक्त रैली है। 
रैली में बसपा अध्यक्ष मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद अध्यक्ष अजीत सिंह भी शामिल हैं। बदायूं से सपा सांसद और अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को गठबंधन ने प्रत्याशी बनाया है। गठबंधन की ओर से की जा रही साझा रैलियों में मैनपुरी, कन्नौज, बदायूं, फिरोजाबाद और आजमगढ़ वो सीटें हैं जो फिलहाल यादव परिवार के पास हैं। आधी साझा रैलियां इन्हीं सीटों पर हो रही हैं। 11 साझा रैलियों में से सहारनपुर और आगरा महज दो ऐसी सीटें हैं जो बसपा के कोटे में है। गठबंधन की पहली जनसभा सात अप्रैल को सहारनपुर में हुई थी। 


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