भ्रष्टाचारी नेताओं को सबक सिखाने नोटा का बटन दबाएं: आर के भारद्वाज
नोटा


लखनऊ। शनिवार को नोटा समर्थन के पक्षकार आर.के.भारद्वाज ने नोटा समर्थन को लेकर राजधानी के प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता की। भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में राजनीति के सिद्धांतों का लगातार पतन हो रहा है और भ्रष्टाचारी लोगो को बढ़ावा मिल रहा है। राजनीति से भ्र्ष्टाचार खत्म करने के लिए अमूल चूल परिवर्तन करना है और इसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ेगा। इसका एक तरीका राइट टू रिकॉल है जिसे नोटा भी कहते है। जनता से अपील करते हुए भारद्वाज ने कहा कि भ्र्ष्ट हो चुकी राजनीति और भृष्ट नेताओ को सबक सिखाने के लिये वोटिंग मशीन में नोटा का बटन दबाये। नोटा को लेकर भारद्वाज का कहना है कि अभी कुछ वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी को नोटा की वजह से ही हार का सामना करना पड़ा था। जिसका फायदा कांग्रेस को हुआ और हम पूरे देश मे जाकर नोटा मिशन पर काम कर रहे है। जिसका उद्देश्य डिक्टेटरशिप मानसिकता को राजनीति से उखाड़ फेंकना है। आर के भारद्वाज ने विकल्प के रूप में अपनी पार्टी क्रांतिकारी मनुवादी मोर्चा का भी जिक्र किया। जिसमें इनका कहना है कि पूरे देश मे उनका मजबूत वोट बैंक है। पर मौजूदा समय मे देश की चार मजबूत राजनीति दल एनडीए, यूपीए, आम आदमी, थर्ड फ्रंट में से किसी एक का सहयोग मिल जाये तो उनकी पार्टी को सत्ता में अवसर प्राप्त होगा साथ ही गठबंधन में शामिल पार्टी को भी बहुत फायदा होगा। इसी के साथ पूरे देश की जनता से अपील भी की, कि इस बार चुनाव में जनता पार्टी सिंबल पर वोट न डाले बल्कि कंडीडेट को देखे, मूल्यांकन करे फिर वोट करे।  भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई भी कंडीडेट समझ से परे हो तो नोटा ऑप्शन को यूज करे, जिससे राजनीति दलों व इलेक्शन कमीशन के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट की भी आंखे खुलेंगी, साथ ही ईमानदार व साफ सुथरे कंडीडेट को टिकट देना राजनीति दलों की मजबूरी होगी।


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