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WORLD BOOK DAY: पुस्तक है तो, विकास है...
WORLD BOOK DAY




लखनऊ: विश्व पुस्तक दिवस के मौके पर दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने मंगलवार को “जीवन में पुस्तकों का महत्व” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया। दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामशरण गौड़ की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र एवं हेड, कला निधि डिवीजन के निदेशक डॉ. आर. सी. गौड़ और दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं कोऑर्डिनेटर डॉ. के. पी. सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पुस्तकों की महत्वता और उपयोगिता पर जोर दिया गया।


डॉ. रामशरण गौड़ ने अपने भाषण में श्रोताओं को पुस्तकों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि पुस्तक व्यक्ति के जीवन में हर समय उसके लिए उपयोगी रहती है और पुस्तक ही व्यक्ति के संपूर्ण विकास की संभावना को उजागर करती है। उनके बाद डॉ. के.पी. सिंह ने अपने वक्तव्य में बताया कि 23 अप्रैल को पूरे विश्व के लोगों के द्वारा हर वर्ष मनाया जाने वाला विश्व पुस्तक दिवस एक वार्षिक कार्यक्रम है। पढ़ना, प्रकाशन और प्रकाशनाधिकार को पूरी दुनिया में लोगों के बीच बढ़ावा देने के लिये यूनेस्को द्वारा सालाना आयोजित ये बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि 23 अप्रैल 1995 में पहली बार यूनेस्को द्वारा विश्व पुस्तक दिवस की शुरुआत की गयी


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