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क्या आपको भी लगता है  सभी पंचक होते है कष्टदायी, तो पढ़िए ये
अग्नि पंचक



लखनऊ: अक्सर सुना होगा कि पंचक लग रहे हैं। ये सुनकर डर जाते हैं कि इन पांच दिनों में कोई शुभ कार्य नहीं करना है। लेकिन यह भ्रम है। पंचकों के भी कई भेद हैं। सारे पंचक एक जैसे नहीं होते। कुछ पंचक ऐसे भी होते हैं जिनमें शुभ काम करना सही रहता है, जबकि कुछ पंचक बहुत अशुभ होते है। 

रोग पंचक : रविवार के दिन से शुरू होने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। इसके प्रभाव से ये पांच दिन शारीरिक और मानसिक परेशानियों वाले होते हैं। इस समय किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं करने चाहिये। हर तरह के मांगलिक कार्यों में ये पंचक अशुभ माना जाता है। 

राज पंचक : सोमवार से शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक कहते हैं। ये पंचक शुभ माने जाते हैं। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है। राज पंचक में सम्पत्ति से जुड़े कार्य करना भी शुभ रहता है।

अग्नि पंचक : मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इन पांच दिनों में कोर्ट-कचहरी और विवाद आदि के फैसले, अपना हक प्राप्त करने वाले काम किये जा सकते हैं। इस पंचक में अग्नि का भय होता है। इन पंचकों में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरुआत को अशुभ माना जाता है।

चोर पंचक : शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। इन दिनों में यात्रा करने की सख्त मनाही है और इन दिनों में लेन-देन व्यापार और किसी भी तरह के सौदे-समझौते नहीं करने चाहिये। मना किये गए कार्य करने से धनहानि, धोखा और चोरी होने की आशंका रहती है।

मृत्यु पंचक : शनिवार को शुरू होने वाला पंचक मृत्यु पंचक कहलाता है। इसके नाम से ही पता चलता है कि अशुभ दिन से शुरू होने वाला ये पंचक मृत्यु के बराबर कष्टदायी होता है। इन पांच दिनों में जोखिम भरे काम नहीं करना चाहिये। इसके प्रभाव से विवाद, चोट, दुर्घटना आदि होने का खतरा रहता है।


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