महागठबंधन तोड़ने को मोदी अपना रहे फूट डालो राज करो की नीति-मायावती
बसपा सुप्रीमो ने कहा कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि हमारे गठबंधन ने कांग्रेस से कोई साठगांठ नहीं की है।


लखनऊ, (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महागठबंधन को लगातार तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं उन्होंने 
कांग्रेस और भाजपा एक ही थाली के चट्टे बट्टे बताया है। 

मायावती ने रविवार को यहां कहा कि प्रधानमंत्री महागठबंधन को तोड़ने के लिए फूट डालो और राज करो की नीति पर चल रहे हैं, लेकिन उनका यह प्रयास बेकार जाएगा। सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन अटूट है। महागठबंधन से भाजपा संकट में है।

उन्होंने कहा कि हमारा यह गठबंधन भाजपा की जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए ही बना है। हमारे इस गठबंधन को जनता का सर्वोच्‍च विश्‍वास प्राप्‍त है। हम इस संकल्‍प के साथ काम कर रहे हैं कि 23 मई को भाजपा जाएगी और देश को निरंकुश सरकार से मुक्‍ति मिल जाएगी। अगली सरकार जनहित और सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की सरकार होगी। इसके साथ ही अब तक घुट-घुटकर देश की लगभग 130 करोड़ जनता खुली हवा में सांस लेगी।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि हमारे गठबंधन ने कांग्रेस से कोई साठगांठ नहीं की है। कांग्रेस और भाजपा एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। भाजपा और आरएसएस को कमजोर करने के लिए अमेठी और रायबरेली सीट से गठबंधन उम्मीदवार इसलिए खड़ा नहीं किया गया कि कांग्रेस के दोनों सर्वोच्‍च नेता चुनाव जीत जाएं और वहीं उलझकर न रह जाएं। उन्होंने उम्‍मीद जतायी कि हमारे गठबंधन का एक-एक वोट इन दोनों सीटों पर कांग्रेस को वोट मिलेगा। हमारा अधिकांश वोटर साइलेंट ही रहता है। हमारी पार्टी का बेस वोट कांग्रेस के ही दोनों उम्‍मीदवारों को ही जाने वाला है।

उर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मायावती के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की भाषा बदल गई है क्योंकि चुनाव के पिछले चरणों में भाजपा पिछड़ रही है। प्रधानमंत्री विकास, किसानों की आय के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। वह सिर्फ लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। अखिलेश ने कहा कि सपा-बसपा-रालोद तय करेंगे कि सरकार किसकी बनेगी और प्रधानमंत्री कौन होगा।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 180 डिग्री के पीएम हैं, वह जो भी कहते हैं उसके ठीक विपरीत करते हैं। वह केवल एक प्रतिशत आबादी के प्रधानमंत्री हैं। उनकी बात बिगड़ गई है। प्रधानमंत्री जानते हैं कि वे सरकार नहीं बना पाएंगे। इसलिए वे आईटी, सीबीआई, ईडी की मदद ले रहे हैं। आदर्श आचार संहिता के प्रभाव में आने के बाद किसी पर भी कभी सीबीआई का छापा नहीं पड़ा। यह पहली सरकार है जो चुनाव शुरू होने और एमसीसी के प्रभावी होने पर भी लोगों को डराना चाहती है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को प्रदेश में चुनावी जनसभा में कहा था कि अब यह साफ हो चुका है कि सपा ने प्रधानमंत्री पद का ख्वाब दिखाकर मायावती का तो चालाकी से फायदा उठा लिया, मगर अब बहन जी को समझ आ गया है कि सपा और कांग्रेस ने मिलकर बहुत बड़ा खेल खेला है। उन्होंने कहा कि बहनजी अब खुलेआम कांग्रेस की आलोचना करती हैं, लेकिन दूसरी तरफ बहनजी के साथ गठबंधन करने वाली सपा अपने निजी स्वार्थ के लिए पूरी तरह कांग्रेस के मुद्दे पर चुप है। इन लोगों ने बहनजी को ऐसा धोखा दिया है कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है। इसके बाद आज मायावती और अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री पर पलटवार किया है।


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