राजा भैया और विनोद सरोज पर बड़ा एक्शन, वोटिंग के दिन रहेंगे नजरबंद
राजा भैया के साथ बाबागंज विधायक विनोद सरोज, सपा नेता गुलसन यादव, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव भी नजरबंद रहेंगे.


लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 में पांचवे चरण की वोटिंग से पहले उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया लोकसभा चुनाव के दिन नजरबंद रहेंगे. जिला प्रशासन ने बाहुबली विधायक समेत आठ प्रभावशाली लोगों को नजरबंद करने का फैसला लिया है. राजा भैया के साथ बाबागंज विधायक विनोद सरोज, सपा नेता गुलसन यादव, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव भी नजरबंद रहेंगे. हालांकि इन्हें वोट करने की इजाजत होगी. 

चुनाव आयोग को कुंडा के आठ प्रभावशाली लोगों से अशांति का ख़तरा है. कौशाम्बी जिले का चुनाव सकुशल सम्पन करने के लिए प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है. कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र की दो आंशिक विधानसभा है प्रतापगढ़ की कुंडा और बाबागंज. यहां आपको बता दें कि राजा भैया ने हाल ही में जनसत्ता पार्टी बनाई है.

महारथियों की परीक्षा लेगा पांचवें चरण का चुनाव
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सोमवार को होने वाला मतदान केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी समेत कई सियासी महारथियों का राजनीतिक भाग्य तय करेगा. निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक पांचवें चरण में प्रदेश की 14 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा. मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगा.

वर्ष 2014 के पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इन 14 में से 12 सीटों पर जीत हासिल की थी. बाकी बची अमेठी और रायबरेली सीटें कांग्रेस के खाते में गयी थीं. पांचवें चरण में धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज (सुरक्षित), लखनऊ, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी (सुरक्षित), बाराबंकी (सुरक्षित), फैजाबाद, बहराइच (सुरक्षित), कैसरगंज और गोण्डा सीटों पर मतदान होगा. इस चरण में करीब दो करोड़ 47 लाख मतदाता कुल 182 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर सकेंगे. सपा—बसपा—रालोद गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं.

पांचवें चरण के चुनाव में केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (लखनऊ), कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (अमेठी), संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी (रायबरेली), केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (अमेठी), पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद (धौरहरा) और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री (फैजाबाद) जैसे छत्रपों की प्रतिष्ठा दांव पर है.

राजनाथ लखनऊ सीट से एक बार फिर संसद पहुंचने की कोशिश में हैं, वहीं उनकी मंत्रिमण्डलीय सहयोगी स्मृति ईरानी नेहरू—गांधी परिवार के दुर्ग यानी अमेठी को भेदने के लिये पूरा जोर लगा रही हैं.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद एक बार फिर धौरहरा सीट से मैदान में हैं. इसी सीट से कभी चम्बल के कुख्यात डकैत रहे मलखान सिंह को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है.


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