सट्टा बाजार में भी भाजपा की बढ़त, ज्यादात्तर सट्टेबाज बना रहे बीजेपी की सरकार
राजधानी के सट्टा बाजार में महागठबंधन से ज्यादा भाजपा का पलड़ा भारी है।


लखनऊ, (हि.स.)। लाेकसभा चुनाव को लेकर सट्टा बाजार भी गर्म हो गया है। महानगरों से लेकर जिला स्तर पर बोलियां लग रही हैं। सट्टा बाजार में सबसे ज्यादा बोलियां भाजपा गठबंधन को लेकर लग रहा है। सूत्रों की मानें तो सट्टा बाजार में भी भाजपा की जोरदार बढ़त है। राजधानी के सट्टा बाजार में महागठबंधन से ज्यादा भाजपा का पलड़ा भारी है। बहुतेरे सट्टेबाज भाजपा को ज्यादा सीटें मिलने पर बोली लगा चुके हैं।

पांचवें चरण का चुनाव समाप्त होते ही सट्टा बाजार गरम हो गया। पुलिस की कड़ी निगरानी के बावजूद दलाल महानगरों में सट‌टाबाजी करना शुरू कर दिये हैं। सूत्रों की मानें तो लखनऊ में ही करोड़ों का सट्टा लग चुका है।  

सूत्रों के अनुसार सबसे ज्यादा बोलियां भाजपा गठबंधन की सरकार बनाने को लेकर लग रही हैं लेकिन पूर्ण बहुमत पर कम ही बोलियां लगी हैं। सट्टा  खेलने वाले कुछ का मानना है कि इस बार भी भाजपा की सरकार बनेगी, लेकिन पूर्ण बहुमत नहीं आयेगा। लेकिन ज्यादातर सट्टेबाजों का मानना है कि मोदी के जनकल्याणी योजनाओं के कारण जमीनी स्तर पर 2014 से ज्यादा करंट है। जो सीधे मोदी को लाभ पहुंचाएगी। 

 हालांकि कुछ सट्टा खेलने वालोंं का मानना है कि इस खिचड़ी सरकार में मायावती या ममता बनर्जी भी केंद्र में जा सकती हैं, क्योंकि जब गुणागणित का दौर चलेगा तो जिस तरह चंद्रशेखर को कांग्रेस ने समर्थन देकर सरकार बनवा दिया था। किसी का पूर्ण बहुमत न आने की स्थिति में इस बार भी कांग्रेस कुछ ऐसा ही कर सकती है। इससे क्षेत्रीय पार्टियों की बल्ले-बल्ले हो जाएगी। यही कारण है कि मायावती पांचवें चरण के बाद कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा पर ज्यादा हमलावर हैं। 


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