लोकसभा चुनाव : मोदी मोह में एबीवीपी ने खुलकर मांगा भाजपा के लिए वोट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सहित प्रयागराज (इलाहाबाद) में खुलेआम परिषद ने भाजपा के समर्थन में मतदान करने की अपील की।


लखनऊ, (हि.स.)। लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण का मतदान 19 मई को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सभी की नजरें 23 मई को होने वाली मतगणना पर होंगी। इस चुनाव के दौरान जहां सियासी दलों के कार्यकर्ताओं ने जी तोड़ मेहनत की, वहीं विभिन्न संगठन भी दलों की रणनीति को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका अदा करते नजर आये। 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने ''नेशन फर्स्ट-वोटिंग मस्ट'' के तहत शत प्रतिशत मतदान के लिए जहां जागरूकता अभियान चलाया। वहीं, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने के सिद्धांत को दरकिनार करके भाजपा के लिए खुलकर बैटिंग की। परिषद के पदाधिकारियों समेत कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जमकर पसीना बहाया। विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद भी चाहता है कि नरेन्द्र मोदी ही दोबारा प्रधानमंत्री बनें। 

इसके लिए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शुरूआत से ही देश भर में शत प्रतिशत मतदान के लिए युद्ध स्तर पर जनजागरण किया। नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग, जनसभा, कवि सम्मेलन आदि के माध्यम से लोगों को घर से निकल कर मतदान करने का आह्वान किया गया। हालांकि चुनाव आते-आते उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए कार्यकर्ता खुलकर जुट गये। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सहित प्रयागराज (इलाहाबाद) में खुलेआम परिषद ने भाजपा के समर्थन में मतदान करने की अपील की। परिषद द्वारा आयोजित मतदान जागरूकता रैली में कार्यकर्ताओं ने 'मोदी अगेन' व 'कमल छाप' भगवा टीशर्ट पहनी। वहीं, एक पत्रक भी बांटा गया, जिसमें मोदी सरकार की योजनाओं का जिक्र है। पत्रक का साफ-साफ इशारा यही रहा कि भाजपा को ही वोट करें। हालांकि परिषद के इन निर्णयों से जहां कुछ कार्यकर्ताओं में उत्साह रहा, वहीं कुछ के भीतर इस बात को लेकर छटपटाहट ​है कि विद्यार्थी परिषद ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की नीति को अब अलविदा कह दिया है। छात्र संगठन मोदी मोह में भाजपा की यूथ टीम बनकर रह गया है।  

विद्यार्थी परिषद की इस छ​वि को लेकर बड़े पदाधिकारी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि ग्राउंड रिपोट के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवारों के लिए वोट मांगना एबीवीपी की रणनीति का हिस्सा रहा। बीते दिनों वाराणसी में संगठन की मतदाता जागरूकता रैली में कार्यकर्ताओं ने नमो अगेन की टीशर्ट पहनकर भाजपा का प्रचार किया और नमो के नारे भी लगाए। इस पर काशी प्रांत के संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा कि देश को राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री की आवश्यकता है। उनका साफ इशारा नरेन्द्र मोदी की तरफ रहा। 

सोशल मीडिया पर हुई किरकीरी
विद्यार्थी परिषद द्वारा भाजपा के पक्ष में हुए कैंपेन से कुछ कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान में अपनी नाराजगी जताई तो कुछ ने अपने मन की आवाज को सोशल मीडिया पर बयां किया। वाराणसी के आशीष आंशू ने व्यंग्यात्मक ढंग से अभाविप के खिलाफ लिखा कि ''भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई एबीवीपी ने आज काशी महानगर में मोदी के जय जयकार के साथ मतदाता जागरूकता रैली निकाली। जय मोदी-तय मोदी।'' इस पर कई ने चुटकी लेते हुए लिखा कि अरे! एबीवीपी भाजपा की इकाई कब से हो गई। वहीं, एक ने कहा कि तब भाजयुमो का क्या होगा। 

नाम गुप्त रखने की शर्त पर परिषद के एक पूर्णकालिक संगठन मंत्री ने कहा कि नमो अगेन व कमल छाप भगवा ​टीशर्ट पहनने का ऊपर (बड़े अधिकारियों की तरफ) से निर्देश जारी था। जो आदेश मिलेगा, करना ही पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा के पक्ष में विद्यार्थी परिषद की रैलियों का नेतृत्व अखिल भारतीय स्तर के अधिकारियों ने जोर-शोर से किया। 

प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में कार्यरत रहे परिषद कार्यकर्ता 
लोकसभा चुनाव में पूरे उत्तर प्रदेश में एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की फौज कार्यरत रही। ये सभी भाजपा की रीति-नीति सीखकर क्षेत्र में आए भाजपा के कोर कार्यकर्ता की तरह काम को अंजाम दिया। ये कार्यकर्ता उम्मीदवार के साथ भी तैनात रहे। तैनात होने वाले इन परिषद के कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार किया। वहीं, मतदाताओं के भीतर चल रही उठा-पटक को भी टटोला और भाजपा शीर्ष नेतृत्व को संभलने के लिए अवगत कराया। 

नोटा के खिलाफ भी सक्रिय रही अभाविप
नोटा अभियान से भाजपा को हो रहे नुकसान को भांपते हुए परिषद ने नोटा के खिलाफ बिगूल भी फूंका। कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर से लेकर सोशल मीडिया पर नोटा का पुरजोर विरोध किया। तर्क रहा कि नोटा लोकतंत्र के खिलाफ है। नोटा बेहतरीन विकल्प को खत्म कर दे रहा है। 

'मैं हूं चौकीदार' कैंपेन को भी किया प्रमोट 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 15 मार्च को देश में ''मैं हूं चौकीदार'' मुहिम को छेड़ दिया था। इस अभियान को भी परिषद के कार्यकर्ताओं ने संभाला। सोशल मीडिया पर 'मैं हूं चौकीदार' कैंपेन का हिस्सा बने।

इन मुद्दों के कारण भाजपा के पक्ष में उतरती है परिषद
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने आपको राष्ट्रवाद का पोषक बताती है। इनकी मानें तो ये राष्ट्र आराधना में रत रहते हैं। जो राजनीतिक दल राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मुखर होगा, उसके समर्थन में रहने का दावा संगठन हमेशा से करता आया है।  विद्यार्थी परिषद को लगता है कि धारा 370, राम मंदिर, भारत-पाकिस्तान मुद्दा, आतंकवाद आदि पर भाजपा की सरकार ही प्रभावी निर्णय ले सकती है, इसलिए भी संगठन भाजपा के पक्ष में खड़ा रहता है।  


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