गठबंधन और भाजपा की टक्कर में कांग्रेस हुई रफूचक्कर
सातों चरणों के चुनाव खत्म होने के बाद एग्जिट पोल में एक बार फिर मोदी सरकार बनने का दावा किये जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। खीरी लोकसभा सीट पर काफी रोमांचकारी चुनाव रहा है।


लखीमपुर-खीरी, (हि.स.)। सातों चरणों के चुनाव खत्म होने के बाद एग्जिट पोल में एक बार फिर मोदी सरकार बनने का दावा किये जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। खीरी लोकसभा सीट पर काफी रोमांचकारी चुनाव रहा है। 

इस सीट पर भाजपा को टक्कर देने के लिए गठबंधन ने सपा प्रत्याशी पूर्वी वर्मा पर दांव खेला था। भाजपा से निवर्तमान सांसद अजय मिश्र (टेनी) अपनी साख बचाने के लिए चुनाव मैदान में थे। ऐसे में जातिगत आंकड़ों के आधार पर सपा की पूर्वी वर्मा को मजबूत प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा था। 29 अप्रैल को करीब 65% मतदान कर खीरी के लोगों ने साफ कर दिया कि वे मताधिकार का प्रयोग करने में किसी से पीछे नहीं हैं। मतदान के बाद चर्चा में एक बात तो साफ हो गई कि लोगों ने सिर्फ गठबंधन और भाजपा पर ही विश्वास जताया है। खीरी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी जफर अली नकवी को लोगों ने खासा पसंद नहीं किया। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि खीरी लोकसभा सीट के मतदाताओं ने किस प्रत्याशी को अपनी बात लोकसभा तक पहुंचाने के लिए चुना है। 

खीरी लोकसभा सीट पर दो प्रत्याशियों के बीच चुनावी लड़ाई का अंजाम 23 तारीख को लोगों के सामने आ जाएगा लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद भाजपा खेमे में एक बार फिर खुशी की लहर है और उन्हें लगता है कि खीरी लोकसभा सीट पर निवर्तमान सांसद अजय मिश्र टेनी दोबारा सांसद बनकर संसद पहुंचेंगे। अगर सपा खेमे की बात की जाए तो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर सपा के कार्यकर्ता भी जमकर अपनी प्रत्याशी पूर्वी वर्मा को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं और उनका विश्वास है कि इस बार खीरी लोकसभा से पूर्वी वर्मा सांसद बन कर लोकसभा पहुंचेगी।


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