उप्र विधानसभा में कानून व्यवस्था पर विपक्ष का हंगामा
सोनभद्र नरसंहार के मुद्दे पर चर्चा की मांग, कांग्रेस विधायकों ने की नारेबाजी


लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के सदस्यों ने कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कुछ विधायी कार्य किये और बाद में सदन की कार्यवाही को मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

विधानसभा में सदन की कार्यवाही प्रारम्भ होते ही सपा और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर हंगामा करने लगे। सपा विधायक पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर चर्चा करने की मांग कर रहे थे तो कांग्रेस के सदस्य सोनभद्र की घटना को लेकर सदन में चर्चा करना चाहते थे। दोनों मुद्दों को लेकर सदन में काफी देर तक नारेबाजी और हंगामा होता रहा।

इस बीच सदन में निधन का प्रस्ताव पेश किया गया। नेता सदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद रामचंद्र पासवान और सदन के पूर्व सदस्यों के निधन के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए शोक प्रस्ताव रखा। इसके बाद विपक्ष समेत अन्य सदस्यों ने भी निधन पर अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए सदन में शोक प्रस्ताव पारित करवाया।
 
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सदन के पूर्व सदस्य और पूर्व मंत्री मो. आजम खान को परेशान करने का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मुठभेड़ के बहाने सपा नेताओं की हत्या की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी रंजिश के कारण भी सपा कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं।

सरकार की तरफ से जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहतर है। पुलिस की कड़ाई के चलते 15 हजार से अधिक अपराधी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वहीं 83 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बदले की नीयत से कोई काम नहीं कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन कर दिया। कांग्रेस के विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने सोनभद्र नरसंहार के मुद्दे पर चर्चा की मांग की और कांग्रेस महासचिव को 48 घंटे तक रोके रखने पर सवाल उठाया। अपनी मांग के समर्थन में कांग्रेसियों ने वेल में आकर नारेबाजी की। शोरगुल और हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कई विधायी कार्य निपटाये। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही को मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन में कल सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।


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