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डीआरआई ने बरामद की 1.62 करोड़ की विदेशी सिगरेट, तीन गिरफ्तार
सिलीगुड़ी, कोलकाता और गुवाहाटी में टीम की छापेमारी


कोलकाता: केंद्रीय खुफिया राजस्व ब्यूरो (डीआरआई) की टीम ने सिलीगुड़ी, कोलकाता और गुवाहाटी में तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर विदेशी सिगरेट तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। इस दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। इनके पास से 16.27 लाख विदेशी सिगरेट जब्त किए गए, जिसकी कीमत 1.62 करोड़ रुपये है।

बुधवार को डीआरआई के पूर्वी क्षेत्रीय उपनिदेशक पार्थ प्रतिम बसु ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर डीआरआई की सिलीगुड़ी इकाई ने 21 जुलाई को उपनगरीय क्षेत्रों में एक ट्रक को रोका था, जिसमें 10 लाख 43 हजार 400 विदेशी सिगरेट जब्त किए गए। ये सिगरेट चीन, इंडोनेशिया, कोरिया और म्यांमार में बने थे। इसे ट्रक के जरिए कोलकाता ले जाया जा रहा था। पता चला कि म्यांमार सीमा से इसे भारत में लाया गया था। वहां से गुवाहाटी और सिलीगुड़ी के रास्ते कोलकाता के लिए ट्रक रवाना हुआ था।

ट्रक चालक शंकर यादव ने पूछताछ में बताया कि म्यांमार की सीमा से भारत के मणिपुर राज्य के मोरे में सिगरेट को लाया गया था, जहां से कोलकाता के लिए रवाना हुआ था। इसकी कीमत 1.04 करोड रुपये है। गिरफ्तार शंकर यादव के बताने के बाद डीआरआई की टीम ने कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके के एक गोदाम में भी छापेमारी की, जहां से पांच लाख 12 हजार 200 विदेशी सिगरेट बरामद हुआ। इसकी कीमत 51.22 लाख रुपये है। यहां से राहुल सिंह और विकास कुमार जैन को गिरफ्तार किया गया। ये सिगरेट भी म्यांमार के रास्ते तस्करी कर लाए गए थे।

इनसे पूछताछ करने के बाद असम के गुवाहाटी में एक गोदाम का पता चला जहां छापेमारी की गई, वहां से भी 72 हजार विदेशी सिगरेट बरामद किए गए जिसकी कीमत 7.2 लाख रुपये है। हालांकि वहां किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस तरह तीनों मामले में कुल 1.62 करोड़ रुपये के सिगरेट बरामद किया गया। दरअसल विदेशी सिगरेट पर स्वास्थ्य संबंधी वैधानिक चेतावनी नहीं लिखी रहती है। इसके अलावा भारतीय कर प्रणाली को गुमराह कर इसे विदेशों से तस्करी किया जाता है। इसलिए विदेशी सिगरेट की खरीद बिक्री अवैध है। इन तीनों को गिरफ्तार कर डीआरआई की टीम में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इन लोगों से पूछताछ कर पूर्वोत्तर भारत में मौजूद इनके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है।


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