हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक नेता जोशुआ वॉन्ग समेत तीन अरेस्ट
चीन के शासन के अधीन आने के बाद से यह पहला मौका है, जब हॉन्ग कॉन्ग में इतना विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।


हॉन्ग कॉन्ग : चीन ने हॉन्ग कॉन्ग में अपने खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश करते हुए लोकतंत्र समर्थक ऐक्टिविस्ट जोशुआ वॉन्ग को अरेस्ट कर लिया है। 1996 में जन्मे महज 22 साल के युवा जोशुआ वॉन्ग हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थकों के लिए पोस्टर बॉय बनकर उभरे हैं। इसी के चलतेशुक्रवार को जोशुआ समेत 3 ऐक्टिविस्ट्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई वीकेंड पर आंदोलनकारियों की ओर से प्रदर्शन को तेज करने की आशंका के चलते की गई है। 

चीन के शासन के अधीन आने के बाद से यह पहला मौका है, जब हॉन्ग कॉन्ग में इतना विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। महज 22 साल के जोशुआ से चीन इसलिए भी घबराया हुआ है क्योंकि जून में प्रत्यर्पण कानून के प्रस्ताव के बाद से ही हॉन्ग कॉन्ग में प्रदर्शन जारी हैं। वह पूरे आंदोलन के पोस्टर बॉय बन चुके हैं और हॉन्ग कॉन्ग को और अधिक स्वायत्ता की उनकी मांगों को जोरदार समर्थन मिल रहा है।

2014 में भी वॉन्ग ने किया था आंदोलन 
हॉन्ग कॉन्ग का लोकतंत्र समर्थक चेहरा माने जाने वाले वॉन्ग ने इससे पहले 2014 में भी आंदोलन की अगुवाई की थी। तब शहर के अधिकतर हिस्सों में 79 दिनों तक कामकाज ठप रहा था। अभी जून में ही वॉन्ग को 5 सप्ताह की कैद के बाद रिहा किया गया था, उन्हें अदालत की मानहानि के आरोप में जेल भेजा गया था। हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र की मांग करने वाली वॉन्ग की पार्टी डेमोसिस्टो ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'गली में उन्हें अचानक में एक निजी कार में धकेल कर बैठाया गया।' फिलहाल उनको पुलिस मुख्यालय में रखा गया है। 

इन दो नेताओं को भी किया गया गिरफ्तार 
डेमोसिस्टो पार्टी की सदस्य ऐग्नेस चाउ को भी अरेस्ट किया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी की मेंबर चाउ पर क्या आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा आजादी समर्थक हॉन्ग कॉन्ग नैशनल पार्टी के संस्थापक ऐंडी चान को भी हिरासत में लिया गया है। उनकी पार्टी को पिछले साल सितंबर में प्रतिबंधित किया गया था। चान के फेसबुक पेज के मुताबिक गुरुवार रात को उन्हें हॉन्ग कॉन्ग इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया और उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। 

जून से ही हॉन्ग कॉन्ग में जारी हैं विरोध प्रदर्शन 
तीनों ही नेताओं को लेकर फिलहाल पुलिस ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। हॉन्ग कॉन्ग के लोगों को चीन में प्रत्यर्पित करने के कानून को लागू करने के प्रस्ताव के विरोध में जून में प्रदर्शन शुरू हुए थे। इसके बाद से ही चीन के शासन वाले इस स्वायत्त क्षेत्र में अशांति है। 


अधिक विदेश की खबरें