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शाकाहारी भोजन दीर्घायु व निरोगी जीवन  का है मूलमंत्र  है -उमाकांत जी महाराज.
बाबा जयगुरूदेव जी महाराज के अध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत जी


राजधानी लखनऊ के अवधशिल्पग्राम के प्रांगण में  बाबा जयगुरूदेव जी महाराज के अध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत जी महाराज ने अपने दो दिवसीय महायोग शिव दर्शन शिवरात्रि सत्संग समारोह के दूसरे दिन अमृत रूपी सतसंग का रसपान कराते हुए कहा कि मानव जीवन को सफल बनाने के शाकाहारी जीवन के महत्व को आज समझना होगा । क्योकि भूकम्प , महामारी, अति- वृष्टि, प्रलयकारी ब्याधियो से बचना होगा। 


महाराज जी भारत ही नहीं अन्य देशों में अमेरिका, ब्रिटेन , चाइना ,मारीशस ,यू ए इ ,हॉगकांग , मलेशिया , कतर, इंडोनेशिया आदि देशो में शाकाहारी संदेश को अपने सतसंग और नामदान कार्यक्रमो में शाकाहारी बनने के लिए  प्रेरित किया । संत उमाकांत ने कहा कि मानव तन बहुमूल्य है जिसे पाने के लिए देवता भी तरसते है। और जीवन जीने के लिए शाकाहारी होने का जिसने संकल्प लिया वह दीर्घायु व निरोगी जीवन जीता है। 



मनुष्य का जीवन  शाकाहार है  शाकाहार भोजन से ही मन बुद्धि ठीक रहेगी ।मांसाहार से कोरोना जैसी  बडी बडी बीमारियां लोगो में हो गयी है जिनका इलाज डॉक्टरो के पास नही है। उन्होंने अपराधो की जननी शराब को छोडने का भी आवाहन किया। और कहा कि शाराब बुद्धिनाशक नशा है जिसके सेवन से वह उच्च आदर्शो से बहक जाता है। ऐसे लोग अपराध के रास्ते पर भी चल पड़ते है। जय गुरूदेव नाम ही कल्याणकारी है। 


सत्संग के पूर्व शाकाहारी विचार गोष्ठी के तहत एक राष्ट्रीय बैठक हुई जिसमें भारत ही नहीं अन्य कई देशों के लोगों ने शाकाहारी भोजन को  सर्वोत्तम आहार माना । सतसंग समारोह में जयगुरूदेव संगत के प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव पाठक ,नवल किशोर पाण्डेय ,बागेश्वर  द्विवेदी, भा ज पा प्रदेश उपाध्यक्ष जे एस राठौड श्रावस्ती सांसद दद्दन मिश्रा, बाराबंकी पूर्व सांसद प्रियंका रावत,बलवंत सिंह, दीपक श्रीवास्तव बागेश्वर द्विवेदी, ललित शुक्ला, सत्यप्रकाश शुक्ला सहित हजारो लोग सतसंग रूपी अमृत का पान कर रहे थे। पहलीबार सतसंग में  शामिल लोगो ने नामदान लिया।

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