​पीएम मोदी ने उड़ाई पाक की नींद, सिंधु समझौते पर बनाई समिति
भारत ने पाकिस्तान को झटका देने के लिए सिंधू जल संधि पर समिति का गठन कर दिया है


नई दिल्ली:-भारत ने पाकिस्तान को झटका देने के लिए सिंधू जल संधि पर समिति का गठन कर दिया है। जल संसाधन मंत्रालय के अधीन बने इस कार्य बल में विदेश मंत्रालय और अन्य मंत्रियों के साथ-साथ जम्म-कश्मीर और पंजाब के सदस्य भी शामिल हैं। इस समिति की पहली बैठक हो चुकी है।

इस कार्य बल के गठन का मकसद पाकिस्तान में बहकर प्रवाहित होकर बर्बाद होने वाले नदी के पानी को रोकना है। साथ ही सरकार सीमाई राज्य पंजाब और जम्मू-कश्मीर में किसानों के लिए उनकी जरुरत से ज्यादा पानी सुनिश्चित करना चाहती है। भारतीय नदियों से बहकर पाकिस्तान में जाने वाले और वहां बर्बाद हो जाने वाले पानी को रोक कर ऐसा आसानी से किया जा सकता है। साल 1960 की सिंधु जल संधि के दायरे में छह नदियों - व्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चिनाब और झेलम - के जल वितरण और साझा करने के अधिकार आते हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों एक रैली में कहा था कि सतलज, व्यास, रावी का पानी भारत का है और पाकिस्तान में उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। इस पानी की एक-एक बूंद रोक दी जाएगी और पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर के किसानों को दी जाएगी।


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