चौथे चरण में भी कांग्रेस और सपा के प्रत्याशी आमने-सामने
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रत्याशी चयन को लेकर सहमत नहीं हो सके हैं।


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के विधानसभा में चौथे चरण का चुनाव हो रहा है। इस चरण में कई दिग्गजों की साख दांव पर है। लेकिन इस चरण की सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस और सपा के गठबन्धन होने के बावजूद भी कई सीटों पर दोनों पार्टियों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। गठबंधन के तहत एसपी को 298 तथा कांग्रेस को 105 सीटें मिली थीं। इसके बाद भी कई सीटों पर दोनों पार्टियों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। 

ऐसा इसलिए है, क्योंकि कई सीटों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रत्याशी चयन को लेकर सहमत नहीं हो सके हैं। चौथे चरण के तहत फतेहपुर जिले की बिंदकी सीट पर कांग्रेस के अभिमन्यु सिंह एक तरफ जीत की कोशिश कर रहे हैं, वहीं उनके सामने एसपी के रामेश्वर दयाल चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने अभिमन्यु सिंह का टिकट वापस ले लिया है, लेकिन उनका नाम ईवीएम पर रहेगा। लिहाजा गठबंधन समर्थक वोटरों को तय करना मुश्किल होगा कि किसे वोट दें। 

रायबरेली की सरेनी सीट से एक तरफ एसपी से देवेंद्र प्रताप सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने यहां से अशोक कुमार सिंह को टिकट दिया है। रायबरेली के ऊंचाहार में मंत्री रहे मनोज कुमार पांडेय मैदान में हैं, वहीं उनके सामने कांग्रेस से अजय पाल सिंह ताल ठोक रहे है। बुंदेलखंड में ललितपुर की महरौनी सीट से कांग्रेस ने बृजलाल खाबरी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि यहां से एसपी के रमेश खटिक भी मैदान में हैं। चित्रकूट जिले के मानिकपुर से कांग्रेस ने गुलाबी गैंग की कर्ताधर्ता संपत पाल को टिकट दिया है, यहां से समाजवादी पार्टी से दिनेश मिश्रा भी मैदान में डटे हुए हैं। 


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