कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बन सकता है नकली खोया
होली के अवसर पर खानपान में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है


लखनऊ: होली के अवसर पर खानपान में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बाजार में बिकने वाली चीजें आपका स्वास्थ्य खराब कर सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि होली पर बाजार की मिठाई व खोया खरीदने से बचें क्योंकि त्यौहारों पर बाजार में नकली खोया व मावा अधिकांश मात्रा में दुकानों पर बिकता है।
केजीएमयू के मेडिकल गैस्ट्रोइन्ट्रोलोजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अजय वरदान ने बताया कि नकली खोये में यूरिया समेत साबुन के सारे प्रोडक्ट मिले होते हैं। उन्होंने बताया कि नकली खोया खाने से व्यक्ति को उल्टी,दस्त और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा इसका सीधा असर लीवर और फेफड़ा पर पड़ता है। डा. अजय ने बताया कि यदि नकली खोया का सेवन चार से छह बार कर लिया जाय तो गुर्दा भी फेल हो सकता है। यहां तक कि नकली खोये से कैंसर जैसी घातक बीमारी होने का भी खतरा रहता है।
कैसे पहचानें असली मावा
मावा पहचानने के लिए आयोडीन टिंचर आता है। थोड़ा सा मावा हाथ में लेकर उसमें टिंचर मिला दें। यदि मावा अधोमानक है तो दस सेकेंड बाद वह डार्क ब्लू रंग का हो जाएगा। यदि असली है तो उसके रंग में कोई परिवर्तन नहीं आएगा। दूसरा तरीका है कि हाथ में थोड़ा मावा लें और चुटकी से मलकर देखें। यदि हाथ में घी लग जाए तो मावा शुद्ध है और न लगे तो वह नकली है। चखकर भी मावे की असलियत जानी जा सकती है। चखने पर यदि स्वाद कसैला आए तो वह मावा न लें। मिलावटी मावा चिपचिपा होता है। हथेली पर मावा लें और गोली बनाएं यदि गोली में दरार पड़ने लगे तो समझ लें नकली है।


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