ईवीएम से ‘छेड़छाड़’ के मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को SC का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और निर्वाचन आयोग से आठ मई तक जवाब देने का निर्देश दिया है।


नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी और ईवीएम में वीवीपैट इंस्टाल करने की मांग करनेवाली बहुजन समाज पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और निर्वाचन आयोग से आठ मई तक जवाब देने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि एक देश को छोड़कर कोई दूसरा देश ईवीएम का इस्तेमाल नहीं करता तो कोर्ट ने पूछा कि क्या ये आपकी सरकार नहीं थी जिसने ईवीएम शुरू किया था ?

पिछले 27 मार्च को वकील मनोहरलाल शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया था । याचिकाकर्ता वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका दायर कर मांग की है कि ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जानी चाहिए क्योंकि इन मशीनों में गड़बड़ी होती है । उनका कहना है कि हर साल निर्वाचन आयोग में कई शिकायतें दर्ज की जाती हैं लेकिन उन पर कोई कदम नहीं उठाया जाता है और कहा जाता है कि ईवीएम में कोई समस्या नहीं है । हर वर्ष तीन से चार सौ ईवीएम खराब हो जाती हैं ।

याचिका में कहा गया है कि हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कई राजनीतिक दलों ने छेड़छाड़ के आरोप लगाये हैं। खासतौर पर यूपी और उत्तराखंड चुनाव में ईवीएम में छेड़छाड़ की बहुत सी शिकायतें राजनीतिक दलों ने की हैं। ऐसे में इन ईवीएम मशीनों की जांच अमेरिका के कंप्यूटर विशेषज्ञों से कराई जाए। याचिका में ये भी कहा गया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ संभव है। इसलिए पश्चिम के कई देशों में ईवीएम का इस्तेमाल बंद कर दिया गया। 


अधिक देश की खबरें