मंत्रियों की बर्खास्तगी सपा सरकार की  'ड्रामेबाजी’ : मायावती
बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार गम्भीर भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जाँच रूकवाने की तिकड़मबाजी लगातार करती रही है।


लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सूबे में विधानसभा आमचुनाव से पहले भ्रष्टाचार के आरोप में दो मंत्रियों की बर्खास्तगी को श्दिखावटी ड्रामेबाजी बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से भ्रष्टाचार में डूबी श्सपा सरकार का महापापश् कम नहीं होगा और न ही प्रदेश की त्रस्त जनता इनके के बहकाने में आने वाली है।

प्रदेश की सपा सरकार में खनन मंत्री गायत्री प्रजापति व पंचायती राज मंत्री राज किशोर सिंह की सोमवार शाम की गयी बर्खास्तगी पर सुश्री मायावती ने मंगलवार को यहाँ जारी एक बयान में कहा कि वर्तमान सपा सरकार के बारे में अराजकता व जंगलराज आदि के कारण लोगों का जीवन तो बेहाल है ही, परन्तु हर स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार के बारे में यह सरकार काफी अधिक चर्चाओं में रही है। फिर भी भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों व नेताओं को इस सरकार के विभिन्न मठाधीश लगातार हर प्रकार से उसी प्रकार का संरक्षण देते रहे हैं, जैसा कि इस पार्टी के सरकार में गुण्डों, माफियाओं, अराजक व असमाजिक तत्वों को देते रहे हैं।  उन्होंने कहा कि सपा सरकार लगभग साढ़े चार वर्षों के अपने कार्यकाल में बेतहाशा लूट-खसोट कर चुकी है और यहाँ आमचुनाव काफी नजदीक है तो आमजनता को वरगलाने की नीयत से ऐसी दिखावटी कार्रवाई की गयी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार के मंत्रियों के भ्रष्टाचार, दबंगई एवं गुण्डई के चर्चे जनता में आम हैं तथा कई मंत्रियों के खिलाफ विभिन्न प्रकार के जाँच के मामले लम्बित रखे गये हैं। कई मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त आदि की जाँच रिपोर्ट को दबाकर रख दिया गया है, जिसके बारे में बार-बार राज्यपाल का ध्यान भी आकृष्ट कराया गया है।
उन्होंने कहा,श् भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्रियों की बर्खास्तगी के बारे में सपा प्रमुख  मुलायम सिंह यादव का यह कहना है कि उन्हें कुछ पता नहीं है, वास्तव में इस सपा सरकार की जबर्दस्त कमियों व बुराइयों को छिपाने हेतु बाप-बेटे की कोशिश है व दिखावटी ड्रामेबाजी हैश्, यह यहाँ की आमजनता खूब अच्छी तरह से समझती है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि  सपा सरकार गम्भीर भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जाँच रूकवाने और लोकायुक्त रिपोर्टों के लिये हर प्रकार की तिकड़मबाजी लगातार करती रही है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त का यह कहना है कि लोकायुक्त की जाँच रिपोर्ट पर सबसे ज्यादा त्वरित गति से सख्त कार्रवाई बसपा के शासनकाल में ही हुई है सपा सरकार को कटघरे में खड़ी करती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से प्रभावी ढंग से निपटने के मामले में प्रदेश की सपा सरकार का रवैया वैसे ही लचर व भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का रहा है जैसाकि केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में पहले होता रहा है।


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