केन्द्र सरकार की पदोन्नति में आरक्षण देने की नीति से कर्मचारियों और शिक्षकों का फूटा गुस्सा
संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन की घोषणा


लखनऊ: केन्द्र सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण देने की कोशिशों के विरोध में आज प्रदेश भर में कर्मचारियों, अधिकारियों और शिक्षकों ने राजधानी लखनऊ सहित सभी जिला/परियोजना मुख्यालयों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन और सभायें की। लखनऊ में हुई सभा में यह निर्णय लिया गया कि पदोन्नति में आरक्षण देने की केन्द्र सरकार की नीति के विरोध में राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जायेगा और संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर विशाल प्रदर्शन किया जायेगा। 

लखनऊ में हुई सभा में सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने केन्द्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि मा सर्वाच्च न्यायालय के निर्णय को निष्प्रभावी कर पदोन्नति में आरक्षण पुनः बहाल करने की कोशिश की गयी तो सरकार को इसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे और इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान भी किया जायेगा। पदाधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया है और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में उ प्र में सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त किया जा चुका है। अब वोट बैंक की राजनीति के चलते केन्द्र सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण पुनः बहाल करने हेतु 117वें संविधान संशोधन बिल को लोकसभा से पारित कराने की प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ कर दी है जिससे उप्र के 18 लाख सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और 06 लाख शिक्षकों में भारी गुस्सा व्याप्त है। अपने विरोध को प्रदर्शित करने के लिए आज कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी विरोध दिवस मनाया और सभी जनपदों व परियोजनाओं पर सभा कर विरोध प्रदर्शन किये। समिति ने यह निर्णय लिया है कि पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जायेगा जिसकी परिणति संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन से होगी। उन्होंने बताया कि जनजागरण अभियान के अन्तर्गत प्रदेश भर में कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों को लामबन्द कर धरना प्रदर्शन और रथ यात्राओं का आयोजन किया जायेगा। समिति शीघ्र ही अन्य प्रान्तों के कर्मचारी संगठनों से विचार विमर्श कर निर्णायक आन्दोलन की रूपरेखा घोषित कर देगी।
राजधानी लखनऊ में हुई सभा को समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे व अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ए ए फारूकी, राजीव सिंह, दिनेश चन्द्र दीक्षित, एच एन पाण्डेय, राम प्रकाश, संदीप राठौर, वाई एन उपाध्याय, कमलेश मिश्र, राम राज दुबे, राजीव श्रीवास्तव, अमर कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, डा मौलेन्दु मिश्र, अंकुर भारद्वाज, संदीप अग्रवाल, निशान्त नवीन, पी के पाण्डेय, अजय तिवारी, सर्वेश शुक्ल, पवन सिंह, देवेन्द्र द्विवेदी, अजय सिंह, पी के सिंह, प्रेमा जोशी, संतोष यादव, संदीप यादव, आर के पाण्डेय, आर बी एल यादव, ज्ञानेश्वर, मो नूर आलम, बी एस गांधी ने मुख्यतया सम्बोधित किया।


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