अखिलेश सरकार की अनदेखी के चलते यूपी में गरीबों को नहीं मिला पीएम आवास : बीजेपी
ब्रांडिंग करने में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जनता का दुख-दर्द याद नहीं रहा।


लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज कहा कि पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार द्वारा गरीबों की अनदेखी के चलते पीएम आवास योजना में उत्तर प्रदेश सबसे पीछे है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने भाषा से कहा, पीएम आवास योजना के तहत आम जन को मकान मुहैया कराने के मकसद से केन्द्र सरकार ने एक दो नहीं बल्कि 13 बार पत्र लिखा लेकिन सूबे की पूर्व की सपा सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।

शुक्ला ने कहा, अपनी ब्रांडिंग करने में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जनता का दुख-दर्द याद नहीं रहा। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा सरकार में कोई भी बिना मकान के नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, पूर्वीवर्ती अखिलेश सरकार की गरीबों के प्रति अनदेखी के कारण पीएम आवास योजना में यूपी सबसे पीछे है।

शुक्ला ने कहा कि योगी सरकार का उत्तर प्रदेश के प्रत्येक परिवार के पास 2022 तक मकान का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय यूपी से सबसे कम 11000 प्रस्ताव भेजे गये। एक सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय में करीब 29.22 लाख मकानों का आवश्यकता है.... योगी सरकार ने अगले 2018 तक छह लाख भवन बनाने का निर्णय लिया।

प्रवक्ता ने कहा कि योगी सरकार केवल गरीबों की ही चिंता नहीं कर रही बल्कि मध्यम वर्ग के उन परिवारों को भी ध्यान में रखा है जिनकी छह से 11 लाख रूपये सालाना आय है, उनको चार फीसदी और 12 से 18 लाख रूपये सालाना आय वाले परिवार को घर के लिए कर्ज लेने पर ब्याज में तीन फीसदी कटौती होगी।


उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने गत शुक्रवार को यहां लोकभवन में कहा कि अयोध्या सहित 61 शहरों में केंद्र सरकार की अटल शहरी पुनर्जीवन तथा शहरी परिवर्तन (अमृत) योजना के अधीन 11422 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

मनीष के मुताबिक नायडू ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 1263 करोड़ रूपये में से अमृत योजना के लिए 375 करोड़ करोड रूपये, स्मार्ट सिटी के लिए 442 करोड़ रूपये तथा लखनऊ मेट्रो के लिए 446 करोड़ यपये जारी कर दिया गया है। परियोजनाएं मार्च 2020 तक पूरी की जाएंगी। प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि अमृत परियोजना के अधीन वर्ष 2020 तक 13 लाख पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। इतना ही नहीं पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के साथ मौके पर खुद मुख्यमंत्री पहुंचकर निर्देश दे रहे हैं।


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