पाकिस्तानी आतंकी कर सकते हैं भारत और अफगानिस्तान पर हमला : अमेरिका
डायरेक्टर ऑफ नैशनल इंटेलिजेंस डेनियल कोट्स ने कहा, पाकिस्तान अपने यहां आतंकियों पर शिकंजा कसने में असफल रहा है।


वॉशिंगटन : अमेरिकी इंटेलिजेंस के एक टॉप अफसर ने बताया है कि कई पाकिस्तानी आतंकी भारत और अफगानिस्तान, दोनों पर ही हमले करने की फिराक में हैं। डायरेक्टर ऑफ नैशनल इंटेलिजेंस डेनियल कोट्स ने कहा, 'पाकिस्तान अपने यहां आतंकियों पर शिकंजा कसने में असफल रहा है।' कोट्स ने यह जानकारी अमेरिका के सेनेट सिलेक्ट कमिटी ऑन इंटेलिजेंस को दुनियाभर में आतंकवाद से जुड़े खतरों को लेकर हो रही चर्चा के दौरान दी है।

कोट्स ने कहा, 'ये आतंकी संगठन क्षेत्र में अमेरिका के हितों के लिएलगातार खतरा बने हुए हैं। ये भारत और अफगानिस्तान पर हमले की लगातार योजना बना रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान लगातार अपने न्यूक्लियर हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है। कोट्स के मुताबिक, अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी का आकलन है कि आने वाले साल 2018 में अफगानिस्तान के राजनीतिक और सुरक्षा संबंधित हालात और खराब होंगे, भले ही अमेरिका और उसके सहयोगी क्षेत्र में मामूली सैन्य सहयोग बढ़ा दें। उन्होंने कहा, 'अफगानिस्तान के हालात को और खराब करने के लिए इसकी बिगड़ते आर्थिक स्थिति जिम्मेदार है। अफगानिस्तान बाहरी सहयोग पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए तब तक संघर्ष करेगा, जब तक वह आतंकवाद को काबू नहीं कर लेता या फिर तालिबान से किसी समझौते तक नहीं पहुंच जाता।'

कोट्स ने आगे कहा, 'इसी बीच, हमें पता चला है कि तालिबान खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में अपना प्रभाव बढ़ा सकता है। अफगान सुरक्षाबलों की हालात बद से बदतर होते जाएगी। इसकी वजह तालिबान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन, संघर्ष में हो रही मौतें, साजोसामान संबंधित मदद में कमी और कमजोर लीडरशिप है।' कोट्स ने आगे कहा, 'पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने को लेकर चिंतित है। साथ ही भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद, दूसरे देशों तक बेहतर होती उसकी पहुंच और अमेरिका से गहरे होते उसके रिश्तों के मद्देनजर अपनी जमीन मजबूत कर रहा है। पाकिस्तान अपने अकेले पड़ जाने से निपटने के लिए चीन का रुख कर सकता है। इससे ऐसे रिश्ते बनेंगे, जिससे चीन की हिंद महासागर में दखल बढ़ेगी।'

कोट्स ने बिगड़ते भारत-पाकिस्तान संबंधों के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया और चेतावनी दी कि अगर इस साल सीमा पार से 'कोई बड़ा' हमला होता है तो रिश्ते बिगड़ सकते हैं। कोट्स ने कहा, 'भारत विरोधी आतंकवादियों को मिलने वाले सहयोग को बंद नहीं करा पाने में पाकिस्तान की नाकामयाबी, इस नीति के खिलाफ भारत की बढ़ती असहिष्णुता और सीमा पार से जनवरी 2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी जांच में कोई प्रगति नहीं होने के कारण 2016 से द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आने लगी थी।' कोट्स ने कहा कि 2016 में आतंकवादियों के पाकिस्तान पार कर भारत आने और दो बड़े हमलों को अंजाम देने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। 


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