किसान की आर्थिक समृद्धि के लिए काम कर रही मोदी-योगी
मोदी सरकार और योगी सरकार किसान की आर्थिक समृद्धि की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।


लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रदेश के किसान क्रेडिट कार्डो का डिजिटलाइजेशन तथा गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं करने पर चीनी मिलों पर ब्याज की बाध्यता की मंशा किसान हित में क्रांतिकारी परिवर्तन के संकेत है। प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के डिजिटल प्लेटफार्म पर आने से किसान डिजिटल लेन-देन कर सकेगा। तो वहीं गन्ना किसानों के भुगतान की प्रतिबद्धता से किसान आर्थिक समृद्ध होगा। पहली बार जवाबदेह सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के मंसूबे जाहिर किए।
 
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि देश की समृद्धि किसान की समृद्धि पर निर्भर है। प्रदेश के 31.77 लाख किसान क्रेडिट कार्ड डिजिटल होकर एटीएम से धन निकासी कर सकेंगे। डिजिटल केसीसी से देश कैशलेस ट्रांजेक्शन की ओर तेजी से बढ़ेगा और किसान राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ेगा। किसान की आर्थिक समृद्धि में बिचैलियां संस्कृति रोड़ा है। कैशलेस ट्रांजेक्शन से बिचैलियां संस्कृति समाप्त होगी। मोदी सरकार और योगी सरकार किसान की आर्थिक समृद्धि की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
 
शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा सरकार ने चीनी मिल मालिको से साठगांठ कर किसानों के हक का पैसा मारने का षड़यंत्र रचा था और आनन-फानन में शासनादेश जारी कर किसानों की गाढ़ी कमाई का पैसा हड़पने का महापाप किया था। लेकिन भाजपा ने विधानसभा चुनाव में किसानों से वादा किया था कि गन्ना किसानों का 14 दिन में पूरा भुगतान होगा। 14 दिन में भुगतान न होने की दशा में किसानों को ब्याज दिया जायेगा।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 56 चीनी मिलों ने 14 दिन के भीतर भुगतान किया। अब तक 22 हजार करोड़ रूपये का भुगतान कराया जा चुका है। सरकार में किसानों के भरोसे का नतीजा है कि गन्ना क्षेत्रफल लगभग 2 लाख हेक्टयर बढ़ गया है। प्रवक्ता ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी कर दी जायेगी। योगी सरकार किसानों के आमदनी बढ़ाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी करेगी। सरकार ने सख्त संदेश दिया है कि 14 दिन में यदि गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हुआ तो 15 प्रतिशत ब्याज जोड़कर भुगतान करना होगा।


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