SCO सम्मेलन: पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से इसलिए नहीं मिले चिनफिंग
दोनों की हत्या की खबर को 8-9 जून को हुए SCO सम्मेलन के ठीक पहले सार्वजनिक किया गया था।


पेइचिंग : यूं तो पाकिस्तान और चीन गहरे दोस्त माने जाते हैं, लेकिन कजाकिस्तान के राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सम्मेलन के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चीन के मीडिया ने शनिवार को खबर दी कि सम्मेलन के इतर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ अन्य देशों के नेताओं से तो मुलाकात की, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से वह नहीं मिले। माना जा रहा है कि नवाज की इस तरह अनदेखी किए जाने का यह मामला हाल ही में पाकिस्तान में हुई दो चीनी नागरिकों की हत्या से जुड़ा है। 

चीन के सरकारी मीडिया ने शनिवार को चिनफिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कजाकिस्तान और रूस के राष्ट्रपति से हुई मुलाकात को तो रेखांकित किया, लेकिन शरीफ के साथ मुलाकात का इसमें कोई जिक्र नहीं था। चीनी राष्ट्रपति द्वारा अप्रत्याशित रूप से की गई पाक प्रधानमंत्री की उपेक्षा की वजह चीन के उन दो नागरिकों की हत्या है जिन्हें पिछले महीने बलूचिस्तान के क्वेटा से अगवा किया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई। चीन में इसे लेकर गहरी निराशा और आक्रोश का माहौल है।



दोनों चीनी नागरिकों की IS आतंकियों ने नृशंस तरीके से हत्या की थी। दोनों की हत्या की खबर को 8-9 जून को हुए SCO सम्मेलन के ठीक पहले सार्वजनिक किया गया था। भारत और पाकिस्तान को इस बार शंघाई सहयोग संगठन का सदस्य बनाया गया है।

शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने दावा किया था कि इन दोनों हत्याओं का चीन-पाक आर्थिक गलियारे (CPEC) से कोई संबंध नहीं है जिसका बलूचिस्तान के लोग विरोध कर रहे हैं। बता दें कि CPEC चीन के महत्वाकांक्षी OBOR प्रॉजेक्ट का अहम हिस्सा है। हुआ ने कहा था, 'न तो इस घटना का OBOR से कोई संबंध है और न ही शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग से।'

गौरतलब है कि बलूचिस्तान के ग्वादर पोर्ट को पाक अधिकृत कश्मीर से होते हुए चीन से जोड़ने वाले CPEC के निर्माण के लिए चीन ने हजारों चीनी मजदूर उस इलाके लगाए हुए हैं। हालांकि हुआ ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान चीनी नागरिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखता है और उसने इसके लिए काफी कोशिशें भी की हैं। उन्होंने कहा था, 'अगर आप ग्लोबल होना चाहते हैं तो खतरे उठाने के लिए तैयार रहना होगा।'


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