बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ न्यूओरोलॉजी सेमीनार का आयोजन
सेमिनार में चिकित्सकों ने बाल रोग से संबंधित गंभीर बीमारियों के शोध पत्रों का व्याख्यान दिया।


लखनऊ : लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा 16 जुलाई 2017 को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, के0जी0एम0यू0, चौक, लखनऊ में राष्ट्र-स्तरीय बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ न्यूओरोलॉजी सेमीनार का आयोजन किया गया। जिसमें देश भर के लगभग 400 प्रमुख बालरोग विशेषज्ञ एवं बालरोग न्यूरोलॉजिस्ट पधारे एवं बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों और अत्याधुनिक इलाज पर चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उ0प्र0 सरकार के माननीय उप-मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा की गौरवमयी उपस्थिति रही एवं लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ0 एस0एन0 सिंह व सचिव डॉ0 आशुतोष वर्मा उपस्थित रहे। उप-मुख्यमंत्री  डॉ0 दिनेश शर्मा ने लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के सचिव डॉ0 आशुतोष वर्मा को इतने बड़े स्तर पर संगोष्ठी आयोजित करने के लिये बधाई दी एवं डॉ0 आशुतोष वर्मा जो कि शहर के जाने माने बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ है उनहे अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिये उनकी प्रशंसा की।

लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के सचिव डॉ0 आशुतोष वर्मा ने कहा कि इस संगोष्ठी में बाल रोग चिकित्सा में नई उम्मीदें नजर आई एवं चिकित्सा की नई तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा नवजात शिशुओं की चिकित्सा एवं सेहत पर विशेष रूप से फोकस रहा। उन्होने कहा कि नवजात शिशु के तीमारदार दिमागी रूप से असंतुलित अवस्था में रहते हैं, ऐसे में चिकित्सकों को उनकी भावनाओं का सम्मान रखना चाहिए। डॉ0 आशुतोष वर्मा ने बताया कि सेमिनार पूरी तरह सफल रहा, और मेडिकल स्टाफ आधुनिक चिकित्सा के कई पहलुओं से रूबरू हुआ।

सेमीनार में आये नवजात शिशु विशेषज्ञों ने पोस्टर एवं प्रजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने शोध एवं आधुनिकतम चिकित्सा विधियों को प्रस्तुत किया एवं साथ ही नवजात शिशुओं में प्रोबॉयोटिक के इस्तेमाल पर एवं चुनौतिया पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। संगोष्ठी में प्री-मेचयोर शिशुओं की स्थिति, उनके इलाज की विभिन्न स्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सेमिनार में चिकित्सकों ने बाल रोग से संबंधित गंभीर बीमारियों के शोध पत्रों का व्याख्यान दिया। देशभर से आये बाल रोग विशेषज्ञों ने कई गंभीर बीमारियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बाल रोगों से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां हो रही हैं, जिसमें शोध हो रहा है साथ ही नवजात शिशुओं में जन्मजात बीमारियों और विकृतियों और उनके इलाज की जानकारी दी। 

शहर में पहली बार इतने बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस सेमिनार में देशभर के बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। डॉ0 आशुतोष वर्मा के मुताबिक इस तरह की कार्यशाला अब हर वर्ष आयोजित की जाएगी। 


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