झारखंड में बारिश बनी आफत, रांची में चार मरे, स्कूल बंद, 10 जिलों में अलर्ट, बांधों के फाटक खोले गये
झारखंड में बारिश बनी आफत, रांची में चार मरे, स्कूल बंद, 10 जिलों में अलर्ट, बांधों के फाटक खोले गये


रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे प्रदेश में पांच दिन से हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. रांची के रातू रोड में एक ऑटो पर पेड़ गिर गया, जिससे चार लोगों की मौत हो गयी. भारी बारिश के मद्देनजर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किये हैं कि वे अपने जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को दो दिन बंद रखने के निर्देश जारी करें. धनबाद और रांची समेत कई जिलों के उपायुक्त ने स्कूलों को दो दिन बंद रखने के निर्देश जारी कर दिये. के फाटक खोल दिये गये. इससे नदियों के किनारे बसे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
राज्य की लगभग सभी जिलों की नदियां उफान पर हैं. ग्रामीण इलाकों में छोटे-बड़े नाले भर गये हैं. सैकड़ों गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं. जिला मुख्यालयों से इनका संपर्क कट गया है. शहरों में जल-जमाव से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने आज और कल भारी से बहुत भारी (7 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक) बारिश की चेतावनी दी है. 26 जुलाई को दो जगहों को छोड़ कर अन्य जगहों पर बारिश से लोगों को राहत मिल सकती है. इन दोनों जगहों पर 7 से 11 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है. राजधानी रांची में कई जगह पेड़ उखड़ कर गिर गये, तो कहीं रेल लाइन पर दीवार गिर गयी. भारी बारिश से राजधानी रांची, जमशेदपुर, रामगढ़ और बोकारो समेत कई जिलों में तबाही का मंजर है. राजधानी की कई स्कूलों को बंद कर दिया गया है. राजधानी से सटे रातु थाना क्षेत्र के गोविंद नगर रोड में पाम रेस्टोरेंट के पास आज सुबह एक ऑटो पर पेड़ गिर गया. इससे चार लोगों की मौत हो गयी. एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भरती कराया गया है. रांची के धुर्वा में वार्ड संख्या 42 के अंतर्गत आनेवाले सेक्टर3ए टाइप में एक घर ध्वस्त हो गया.वहीं, रांची के न्यू पुनदाग सेल सिटी जानेवाले मार्ग पर बना डायवर्सन टूट गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए डायवर्सन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया, लेकिन पानी के तेज बहाव और भारी बारिश के कारण मरम्मत कार्य को रोक देना पड़ा. भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे हरमू रोड के एक लेन में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. उपायुक्त आवास के पास भी एक पेड़ गिरने की सूचना है. बताया जाता है कि हटिया के सिंहमोड़ स्थित विकास नगर में कई घरों में पानी घुस गया है, तो रांची स्टेशन के निकट चुटिया एसपीजी मिशन स्कूल की दीवार गिर गयी है. रांची के आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण कई घर गिर गये. सोनाहातू के गांवों में पानी घुस गया है. जलजमाव के कारण लोगों को घर छोड़ने के लिए विवश होना पड़ रहा है.बोकारो के गरगा डैम पर दबाव बढ़ गया है. डैम के दो फाटक खोलने पड़े. इससे गरगा नदी उफना गयी. डैम से 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का फैसला किया गया. पानी छोड़े जाने के बाद गरगा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखा गया. नदी के तेज बहाव से भर्रा का छोटा पुल बह गया. यह पुल बोकारो नगर से भर्रा को जोड़ता है. फुसरो में दामोदर नदी उफान पर है, जिससे आसपास के लोगों में भय व्याप्त हो गया है. बेरमो में भी मूसलधार बारिश जारी है. दामोदर नदी और कोनार नदी उफान पर हैं. तेनुघाट डैम का जलस्तर बढ़ गया है. सीसीएल के कोयला खदानों से कोयले का उत्पादन, डिस्पैच और ओबीसी रिमूवल पूरी तरह बाधित हो गया है. बोकारो थर्मल में बारिश के कारण लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा है. बताया जाता है कि जारंगडीह से बोकारो थर्मल रेल्वे लाइन के आऊटर सिग्नल के समीप बिजली पोल संख्या 4ध्15 के समीप ओवरब्रिज का काम करनेवाली कंपनी बीकेबी ने बिना रेलवे अधिकारियों की अनुमति लिये रेलवे ट्रैक के निकट से मिट्टी काट डाली. इसी वजह सेकटाव हो रहा है. यदि जल्द ही कुछ नहीं किया गया, तो बोकारो थर्मल में किसी समय रेलवे लाइन धंस सकती है. इससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. रांची में चार दिन में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है. बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने के कारण राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. चार दिन पहले राज्य में सामान्य से करीब 23 फीसदी कम बारिश दर्ज की गयी थी. यह आंकड़ा अब पांच फीसदी पर आ गया है. राज्य में जून से 24 जुलाई के बीच करीब 437 मिमी बारिश हुई है. अब तक 457 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. राज्य के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, तो पलामू प्रमंडल के जिलों में अभी भी बारिश सामान्य से काफी कम हुई है.  मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक बीके मंडल ने कहा है कि अगले दो दिनों तक बंगाल की खाड़ी में मॉनसून सक्रिय रहेगा. इसका असर झारखंड के कई जिलों में दिखेगा. यानी कल भी राज्य में अच्छी-खासी बारिश होगी. सोनाहातू में बारिश से रविवार की रात बारेडीह गांव के धुरनु लोहरा का घर गिरने से दो बकरी व दो बैल की मौत हो गयी है. घटना में परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे. घर गिरने के बाद इनके समक्ष सिर छुपाने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. कांके प्रखंड अंतर्गत किसान चैक पिठोरिया के निकट रहनेवाले जितेंद्र साहू (पिता जलेशर साहू), लोहड़िया टोला के गौतम महतो व प्रकाश महतो का घर बारिश में गिर गया. जितेंद्र ने बताया कि घर गिरने से परिवार के समक्ष सिर छुपाने की समस्या आ गयी है. वह नंदकिशोर केसरी के घर के एक कमरे में परिवार के साथ शरण लिये हुए है. वहीं गौतम महतो भी दूसरे के घर में रह रहा है. जिप सदस्य अनिल टाइगर, सुखदेव साहू ने पीड़ितों को प्रखंड कार्यालय से मुआवजा दिलाने की बात कही है. लगातार बारिश से रविवार को चैनगड़ा गांव के खुटेर टोला में बुधू मुंडा, शुकरा मुंडा, चैतु उरांव व सालहन के राजेश महतो का कच्चा घर गिर गया. पीिड़तों ने मुआवजे की मांग की है. लगातार बारिश से सिल्ली में पोगडा-नवाडीह सड़क कट गयी. इस वजह से आवागमन बाधित हो गया है. लोगों ने सरकार से अविलंब सड़क की मरम्मत  कराने की मांग की है. इस सड़क का निर्माण आरइओ विभाग ने कराया था. सड़क कटने से इसके निर्माण में बरती गयी अनियमितता उजागर हो रही है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क को प्राक्कलन के  अनुरूप नहीं बनाया गया था. बारिश से डुमरदगा मुसलिम टोला निवासी परवेज अंसारी के घर की छत गिर गयी. छत गिरने से उन्हें काफी परेशानी का सामना  करना  पड़ रहा है. मुखिया जुगनू मुंडा ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन  दिया है. मुखिया ने बताया कि अगस्त 2016  में भी बारिश से दिलीप ठाकुर, गणेश मुंडा, फूलचंद साहू व बरतू साहू का घर  गिर गया था. इनके मुआवजे से संबंधित सारी प्रक्रिया पूरी कर अंचलाधिकारी,  कांके को  दे दी गयी थी, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है. बारिश से बचरा बाजारटांड़ मुख्य मार्ग पर पिल्लई डैम पुलिया का गार्डवाल पुनरू  क्षतिग्रस्त हो गया है. कुछ दिन पूर्व सीसीएल की ओर से पत्थर व मोरम भर कर गार्डवाल की  मरम्मत की गयी थी. लगातार बारिश से ऊपर की  मिट्टी बह जाने से सड़क का कटाव शुरू हो गया है. खलारी बाजारटांड़ सहित अन्य इलाकों में बारिश का पानी घरों  में घुस गया. वहीं, बारिश से खलारी व एनके एरिया की खुली कोयला खदानों में  उत्पादन  प्रभावित हुआ है. मैक्लुस्कीगंज में रेलवे ट्रैक पर बारिश  का पानी भर गया है. हालांकि रेल परिचालन पर कोई असर नहीं हुआ है. राज्य के कई इलाकों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है, इससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. हजारीबाग के केरेडारी में प्रखंड में बारिश से एक पक्का चेकडैम बह गया. यह छोटकी नदी पर 15 लाख की लागत से 2013-14 में बना था. प्रखंड की पताल पंचायत में बुचाडीह नाला पर बने पुलिया का  कलवर्ट, गंधनीया गढ़ में बनी पुलिया व नमनीय नदी व बिंजा नदी पर बने एक-एक  पुलिया बह गये. बारिश ने इस इलाके में बने आधे से अधिक पुल-पुलिये बह गये हैं. रामगढ़ में  रजरप्पा मंदिर क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया है. भैरवी नदी का जलस्तर बढ़ने से मंदिर किनारे स्थित दर्जनों दुकान बह गये हैं. पिछले कई वर्षों बाद मंदिर में बलि स्थल पर पानी घुस आया है. यहां दामोदर का भी जलस्तर बढ़ने से संगम स्थल बराबर हो गया है. भैरवी नदी पर बना छिलका पुल पर सात फुट ऊपर से पानी बह रहा है. पुल का संपर्क रजरप्पा मंदिर से टूट गया है. रजरप्पा मंदिर विकास प्राधिकार संघ ने सूचना बोर्ड लगा कर लोगों को नदी  की ओर नहीं जाने की सलाह दी है. रामगढ़ के घाटोटांड़ में बोकारो नदी में आयी बाढ़ के कारण छिलका पुल पर एक कार फंस गयी. हालांकि कार में सवार लोगों ने खिड़की से निकाल कर किसी तरह जान बचायी. गोला-चारू पथ पर बरियातू के पास  सेनेगढ़ा पुल पूरी तरह से डूब गया है. इस मार्ग को बंद कर दिया गया है. लोगों को अब बोकारो से चितरपुर होते हुए रांची जाना पड़ रहा है. गुमला में चार दिनों से बारिश जारी है. जिले में करीब 200 गांव टापू में तब्दील हो गये हैं. कामडारा में एक करोड़ से बनी सड़क बह गयी है. जिले में कई स्थानों पर सड़कों के बहने की सूचना है. मनरेगा से बन रहे कई डोभा व कुएं भी ध्वस्त हो गये हैं. जमशेदपुर में खरकई नदी का जलस्तर बढ़ जाने से कदमा शास्त्रीनगर के 100 घर जलमग्न हो गये हैं. कदमा के ग्रीन पार्क और आसपास के फ्लैट में भी पानी घुस गया है. लोगों ने  किसी तरह अपना चार पहिया व दोपहिया वाहनों को बाहर निकाला तथा बच्चों को  सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. बागबेड़ा बड़ौदा घाट के आसपास के करीब 350 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इससे करीब दो हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं.


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