पीएम मोदी के आने से बढ़ा योगी के शपथ ग्रहण का खर्च
योगी के शपथग्रहण के लिए एलडीए ने खर्च का आंकलन 1 करोड़ 81 लाख रुपये बताया है।


लखनऊ : सीएम योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में हुए खर्च के ब्योरे पर सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा आपत्ति जताने के बाद अब विकास प्राधिकरण जवाब तैयार कर रहा है। 2012 और 2017 के सीएम शपथ ग्रहण समारोह में हुए खर्च का तुलनात्मक चार्ट तैयार किया जा रहा है। कहा जा रहा है योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण में पीएम को हिस्सा लेना था और इसमें पिछली बार से ज्यादा लोग शामिल थे, ऐसे में खर्च बढ़ा। 2012 के शपथ ग्रहण समारोह के लिए विकास प्राधिकरण को 86,11,711 रुपये का भुगतान किया गया था। 

शुरुआती दौर में पिछली बार उसने उस समारोह के लिए भी 1 करोड़ 6 लाख 44 हजार189 रुपये का खर्च भेजा था। योगी के शपथग्रहण के लिए एलडीए ने खर्च का आंकलन 1 करोड़ 81 लाख रुपये बताया है। दोनों शपथ ग्रहण के तुलनात्मक चार्ट में एलडीए ने बताया है कि 2012 में केवल सीएम और उनका मंत्रिमंडल ही शपथ ग्रहण के लिए था। इस बार सीएम के शपथ ग्रहण में पीएम, केंद्रीय कैबिनेट के मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। 

पिछली बार साधारण वॉटर प्रूफ पंडाल 10,000 लोगों के लिए लगाया गया था, इस बार मुख्य सचिव के आदेश से 70,000 लोगों के लिए जर्मन हैंगरयुक्त वॉटरप्रूफ पंडाल लगाया गया था। पिछली बार की तुलना में इस बार मंच ज्यादा सुसज्जित था। पीएम को समारोह में हिस्सा लेना था, इस वजह से एसपीजी के निर्देशों से काफी बैरिकेडिंग और दूसरी व्यवस्थाएं कराई गईं। 

पिछली बार केवल 450 सोफा सेट लगाए गए थे इस बार इनकी 801 थे। पिछली बार केवल 10,000 कुर्सियां लगीं थीं और इस बार 38,000 कुर्सियां। पिछली बार 7.50 टन की क्षमता का एसी लगाया गया था जबकि इस बार 70 टन का था।। पिछले दिनों सचिवालय प्रशासन विभाग को गई समारोह में हुए खर्च के भुगतान की फाइल पर सचिवालय प्रशासन ने विकास प्रधिकरण से स्पष्टीकरण मांगा था।


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