बढ़ गया दिल्ली मेट्रो का किराया?
स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को प्रत्येक यात्रा पर दस फीसदी की छूट मिलती रहेगी।


नई दिल्ली : दिल्ली मेट्रो के किराये में वृद्धि के मामले में दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) बोर्ड ने हस्तक्षेप करने से सोमवार रात इनकार कर दिया जिसके बाद मेट्रो किराए में वृद्धि का रास्ता साफ हो गया। दिल्ली मेट्रो के किराये में एक साल के भीतर यह दूसरी वृद्धि होगी। पिछली बार किराए में बढ़ोतरी के महज पांच महीने के भीतर फिर से किराया बढ़ने से पांच किमी. से ज्यादा का सफर तय करने वाला हर यात्री प्रभावित होगा। 

32 किमी. से ज्यादा की यात्रा के लिए अधिकतम किराया अब 60 रुपये होगा। स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को प्रत्येक यात्रा पर दस फीसदी की छूट मिलती रहेगी। डीएमआरसी के अनुमान के अनुसार मेट्रो के कुल यात्रियों में से 70 फीसदी स्मार्ट कार्ड उपभोक्ता हैं। उन्हें सुबह आठ बजे तक, दोपहर को 12 बजे से 5 बजे के बीच और रात को नौ बजे से मेट्रो सेवाएं समाप्त होने तक सामान्य समय के दौरान 10 फीसदी की अतिरिक्त छूट मिलेगी। 

कहां कितना किराया 
2 किलोमीटर- 10 रुपये 
2-5 किलोमीटर- 20 रुपये 
5-12 किलोमीटर-30 रुपये 
12-21 किलोमीटर-40 रुपये 
21-32 किलोमीटर-50 रुपये 
31 किलोमीटर से ज्यादा- अधिकतम 60 रुपये 

डीएमआरसी के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय डीएमआरसी बोर्ड ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसके बाद इसकी घोषणा की गई। बोर्ड ने कहा कि किराया निर्धारण समिति की सिफारिशों में दखल देने या बदलाव करने का बोर्ड के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है। सूत्रों ने बताया कि डीएमआरसी बोर्ड की बैठक में नया किराया निर्धारण समिति बनाने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

बोर्ड ने कहा कि किराया निर्धारण समिति की सिफारिशों में दखल देने या बदलाव करने का बोर्ड के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा, बोर्ड में 16 निदेशकों में से दिल्ली सरकार के पांच निदेशक हैं, जिन्होंने इसका विरोध किया। हालांकि केंद्र ने हठी रवैया दिखाया। यह वृद्धि काफी अनुचित है। केंद्र को आम आदमी का अधिक ख्याल रखना चाहिए था।

इससे पहले, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मेट्रो रेल किराया बढ़ोतरी मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को राजनीति नहीं करने की नसीहत देते हुये कहा कि किराए में प्रस्तावित इजाफे को रोकने के लिये दिये गये उनके सुझाव कानूनसम्मत नहीं हैं। पुरी ने केजरीवाल को सोमवार लिखे जवाबी पत्र में किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव को टालने, मेट्रो परिचालन घाटे में केंद्र और राज्य की आधी हिस्सेदारी होने और मेट्रो परिचालन दिल्ली सरकार को सौंपने के सुझावों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। 

पुरी ने इन सुझावों को मौजूदा कानून के तहत मान्य नहीं होने के आधार पर खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव को टालने पर अड़े केजरीवाल के अनुरोध पर अंतिम रूप से विचार करने के लिये डीएमआरसी बोर्ड के अध्यक्ष डीएस मिश्रा को बोर्ड की बैठक आहूत करने को कहा। मेट्रो की किराया निर्धारण समिति की सिफारिश पर प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी को लागू करने की अंतिम समयसीमा दस अक्टूबर होने के कारण मिश्रा ने पुरी के अनुरोध पर सोमवार देर शाम ही डीएमआरसी बोर्ड की बैठक बुलाई। नया किराया मेट्रो की ब्लू, येलो, रेड, ग्रीन और वायलेट लाइन पर लागू होगा। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के किरायों में कोई बदलाव नहीं होगा। जब दिल्ली मेट्रो ने 25 दिसंबर 2002 को अपनी सेवाएं शुरू की थी तो न्यूनतम किराया 4 रुपये और अधिकतम किराया 8 रुपये था। 


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