मोदी सरकार की महंगाई से जंग जारी, दालों की क़ीमत काबू में

मोदी सरकार की महंगाई से जंग जारी, दालों की क़ीमत काबू में

पिछले तीन साल में सरकार और रिज़र्व बैंक ने खुदरा मुद्रास्फीति को ही अपने नीतिगत निर्णय का आधार बनाया है.

मानसून-जीएसटी के चलते से महंगाई बढ़ने का अंदेशा

मानसून-जीएसटी के चलते से महंगाई बढ़ने का अंदेशा

RBI ने रेपो रेट यथावत रखा, यानी इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया है.

थोक मूल्य सूचकांक महंगाई बढ़कर 3.39 प्रतिशत

थोक मूल्य सूचकांक महंगाई बढ़कर 3.39 प्रतिशत

इसमें बढ़ोतरी की खास वजह विनिर्माण सामानों के दाम बढ़ना है जबकि खाद्यों की कीमत कम हुई।

लगातार दूसरे माह थोक महंगाई दर घटकर 3.39​ प्रतिशत

लगातार दूसरे माह थोक महंगाई दर घटकर 3.39​ प्रतिशत

खाने की चीजों की कीमतों में नरमी

सुब्रमणियम का 5 साल में दालों की महंगाई को काबू करने का प्लान

सुब्रमणियम का 5 साल में दालों की महंगाई को काबू करने का प्लान

ये प्लान खुद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन ने सरकार को सौंपा है।

थोक मुद्रास्फीति दो साल के उच्चस्तर पर, अगस्त में 3.74 प्रतिशत

थोक मुद्रास्फीति दो साल के उच्चस्तर पर, अगस्त में 3.74 प्रतिशत

इस दौरान सब्जियों की कीमतों में गिरावट भी आई।