वो 30 सीटें जो बिगाड़ सकती हैं MP में बीजेपी का खेल!

वो 30 सीटें जो बिगाड़ सकती हैं MP में बीजेपी का खेल!

मध्य प्रदेश का विंध्य जिसे बघेलखंड के नाम से भी जाना जाता है, देश का शायद इकलौता ऐसा इलाका है जहां कुल आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा सवर्ण जातियां हैं. इस इलाके के सतना और रीवा जिले की कुछ विधानसभा सीटों पर तो सिर्फ ब्राह्मणों की आबादी 40% भी पार कर जाती है. रीवा के 'सफ़ेद शेर' के नाम से मशहूर कांग्रेसी नेता श्रीनिवास तिवारी यहां के सबसे बड़े ब्राह्मण लीडर माने जाते थे.

यूपी में पुलिस वालों का विरोध योगी सरकार की देन, MP में नहीं होगा कांग्रेस से गठबंधन : अखिलेश

यूपी में पुलिस वालों का विरोध योगी सरकार की देन, MP में नहीं होगा कांग्रेस से गठबंधन : अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, महागठबंध जैसे गंभीर मुद्दों पर आज मीडिया से खुलकर बात की.

ग्वालियर: हिंदू महासभा के गढ़ में अटल भी नहीं जीत पाए थे सिंधिया का किला

ग्वालियर: हिंदू महासभा के गढ़ में अटल भी नहीं जीत पाए थे सिंधिया का किला

ग्वालियर का जय विलास महल हमेशा से ही मध्य प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहा है. आज़ादी के बाद यही महल रजवाड़ों की राजनीति का गढ़ था. ये वो लोकसभा सीट है जहां देश के पहले आम चुनावों में हिंदू महासभा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी

चंबल: ठाकुर बनाम ब्राह्मण है लड़ाई, हर सीट पर बदल जाता है जातीय समीकरण

चंबल: ठाकुर बनाम ब्राह्मण है लड़ाई, हर सीट पर बदल जाता है जातीय समीकरण

चंबल नदी राजस्थान के कोटा से श्योपुर में दाखिल होती है फिर मुरैना, भिंड से होते हुए यूपी के इटावा में 5 नदियों समेत यमुना में मिल जाती है. इसी नदी के किनारे-किनारे ही चंबल वैली मौजूद है. चंबल इलाके में श्योपुर, मुरैना और भिंड कुल तीन जिले आते हैं. इन तीन जिलों में विधानसभा की 13 सीटें हैं, जिनमें से 8 बीजेपी, 3 कांग्रेस और 2 बसपा के पास हैं.

नाथूराम गोडसे का मंदिर लेकर कहां चली गई हिंदू महासभा?

नाथूराम गोडसे का मंदिर लेकर कहां चली गई हिंदू महासभा?

ग्वालियर देश के उन कुछ चुनिंदा इलाकों में से रहा है जहां 'हिंदुत्व' की राजनीति की शुरुआत हुई. जब ये इलाका मध्य भारत में था तो देश के पहले लोकसभा चुनावों में ग्वालियर सीट से हिंदू महासभा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. जीवाजी राव सिंधिया भी कांग्रेस विरोधी और हिंदू महासभा के समर्थक माने जाते थे. बीते साल हिंदू महासभा ने ग्वालियर में गोडसे का मंदिर बनाकर विवाद पैदा कर दिया था.एक निजी न्यूज चैनल ने ग्वालियर पहुंचकर ये जानने की कोशिश की कि गोडसे का मंदिर कहां गया और कितनी बची है हिंदू महासभा ?