यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में एक गांव ऐसा है जहां आज भी दलितों के बाल नाई नहीं काटते. इन्हें बाल कटवाने 20-30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. जाति प्रथा और छुआछूत के चलते आज भी रामचन्दर और बाबूराम जैसे इस गाँव में रहने वाले रैदासों जाति के लोगों के बाल नहीं काटे जाते.