जनता भले ही महात्मा गांधी को ‘राष्‍ट्रपिता’ कहती हो लेकिन भारत सरकार की नजर में वह राष्ट्रपिता नहीं हैं. इसी तरह शहीद-ए-आजम भगत सिंह को भी हमारी सरकार शहीद नहीं मानती है.