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 कुंबले इंडियन स्पोर्ट्स ऑनर्स के सर्वश्रेष्ठ कोच की दौड़ में शामिल
कुंबले कहीं ज्यादा सम्मानजनक विदाई के हकदार थे


कोलकाता : टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और दुनिया के महान स्पिनरों में शामिल अनिल कुंबले के बीच हुआ विवाद तो आपको याद ही होगा. ये भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे खराब पलों में से एक माना जाएगा, जब कुंबले को टीम इंडिया का पद मजबूरी में छोड़ना पड़ा था. हालांकि अब ये बीती बात हो चुकी है. कुंबले पद छोड़ चुके हैं और रवि शास्त्री को उनकी जगह टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाया जा चुका है. लेकिन अनिल कुंबले और विराट कोहली का वह एपिसोड लोगों को फिर से याद आने वाला है.

दरअसल भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच अनिल कुंबले इंडियन स्पोर्ट्स ऑनर्स के सर्वश्रेष्ठ कोच की दौड़ में शामिल हो गए हैं. गौर करने वाली बात ये है कि इस पुरस्कार को आरपी-एसजी ग्रुप भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की संस्था के साथ मिल कर दे रही है.
कोहली के साथ विवाद के बाद कुंबले भारतीय टीम के कोच पद से हट गये थे. इस श्रेणी में कुंबले के साथ बिशेश्वर नंदी (जिम्नास्टिक), बलवान सिंह (कबड्डी), हरेन्द्र सिंह (हॉकी) और विजय देवेचा (गोल्फ) भी शामिल हैं. इस नामांकन की गुरुवार को घोषणा की गई. विजेताओं का ऐलान 11 नवंबर को मुंबई में होने वाले कार्यक्रम में किये जायेंगे.

दरअसल इस पूरे घटनाक्रम के पीछे वजह उस विवाद से जुड़ी हुई है, जो कुछ दिन पहले ही हुआ था. उस समय अनिल कुंबले टीम के कोच और कोहली कप्तान थे.  लेकिन दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि कुंबले ने अपने पद से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा. माना जाता है कि कुंबले ने अपना इस्तीफा कोहली के कारण ही दिया. क्योंकि इसके बाद कोहली ने सार्वजनिक तौर पर कहा तो कुछ नहीं, लेकिन उनके इशारे काफी कुछ कह रहे थे.

ऐसे शुरू हुआ था विवाद 

 हालांकि इसके बाद कई बातें सामने आईं. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कोहली और कुंबले में विवाद की शुरुआत इस साल के मार्च में हुई. उस समय ऑस्ट्रेलिया भारत के दौरे पर था. टेस्ट सीरीज का मैच धर्मशाला में हुआ था. चोट के कारण विराट कोहली इस मैच का हिस्सा नहीं थे. टीम की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे पर थी. इस मैच में कुंबले के कहने पर गेंदबाज कुलदीप यादव को मौका मिला. लेकिन कोहली चाहते थे कि मैच में अमित मिश्रा को खिलाया जाए.
अभी हाल में एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए राहुल द्रविड़ ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी थी. उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर कहा था कि इसे अच्छे ढंग से नहीं निबटाया गया. कुंबले कहीं  ज्यादा सम्मानजनक विदाई के हकदार थे.



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