अजित अगरकर पर भड़का यह पूर्व क्रिकेटर कहा- धोनी के सामने उनकी हैसियत ही क्या है?
किरमानी ने धोनी की तरफदारी करते हुए कहा कि इस समय टीम को उनके अनुभव की सख्त जरुरत है.


नई दिल्ली : पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के प्रदर्शन सवाल उठाने वालों की फेहरिस्त लंबी होती चली जा रही है. वीवीएस लक्ष्मण के बाद पूर्व तेज गेंदबाज अजित अगरकर ने भी धोनी की टी-20 टीम में जगह पर सवाल उठाए थे. धोनी की टीम में जगह पर सवाल उठाने वाले अगरकर को पूर्व भारतीय विकेट कीपर सैयद किरमानी ने करारा जवाब दिया है. किरमानी ने धोनी की तरफदारी करते हुए कहा कि इस समय टीम को उनके अनुभव की सख्त जरुरत है, इसलिए टीम में उनकी जगह पर सवाल उठाने वालों को यह सोचना चाहिए. किरमानी ने कहा धोनी ने भारत के लिए कितनी सफलताएं अर्जित की है, यह किसी से छिपा नहीं है. धोनी जैसे खिलाड़ियों को खुद पता होता है कि उन्हें कब तक खेलना है. उन्होंने कहा कि एक दो मैच हार जाने से कोई यह नहीं कह सकता है कि धोनी टीम पर बोझ हैं, उन्होंने भारत को लिए बहुत मैच जीते हैं.

अजित अगरकर के बयान पर किरमानी ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अजित अगरकर की महेंद्र सिंह धोनी के सामने हैसियत नहीं है, जो वह उनके खिलाफ कुछ बोलें. उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि एक मैच के हारने के बाद कुछ लोग धोनी पर सवाल उठाने लगते हैं. धोनी भारत के महान क्रिकेटर हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं. भारत ने उनकी कप्तानी में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है. किरमानी ने कहा कि इस समय भारतीय टीम में खेल रहे भी कोई भी खिलाड़ी यह नहीं चहता कि धोनी टीम में ना रहें. धोनी की मौजूदगी भारतीय टीम में नई ऊर्जा भरती है.


न्यूजीलैंड के खिलाफ राजकोट में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में महेंद्र सिंह के बल्ले से 36 गेंदों में 49 रन निकले थे. इस मैच न्यूजीलैंड ने भारत को 40 रन से हरा दिया था. धोनी के आलोचकों ने इस मैच के बाद धोनी की धीमी बल्लेबाजी को इस मैच में हारने का कारण माना और उन्हें टीम से रिप्लेस करने की सलाह देने लगे. पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण, अजित अगरकर और आकाश चोपड़ा ने धोनी की टीम में बने रहने पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को टी-20 में मौका मिलना चाहिए. किरमानी से पहले मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने भी धोनी का बचाव किया था.

कोहली ने कहा था कि मैच में 11 खिलाड़ी खेलते हैं, तो मैच हारने के बाद धोनी पर ही सवाल क्यों उठाया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि धोनी सभी विभागों में योगदान दे रहे हैं, इसलिए उनकी आलोचना बंद कर देनी चाहिए.

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