टीम इंडिया फेवरेट है लेकिन ऑस्ट्रेलिया में इस 'डरावने सच' से कैसे निपटेंगे विराट कोहली?
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क्रिकेट की दुनिया में इस वक्त चारों ओर हल्ला है कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहद कमजोर है और विराट कोहली की टीम इंडिया नंबर 1 टेस्ट टीम है. ऐसे में वो इस बार ऑस्ट्रेलिया में जीत का परचम लहरा ही देगी, लेकिन क्या ऐसा हो पाएगा? क्या ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराना इतना आसान होगा? आंकड़े तो इसकी तस्दीक बिलकुल भी नहीं करते. टीम इंडिया के आंकड़े इतने खराब हैं कि आपको यकीन नहीं होगा.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया में कभी सीरीज नहीं जीती है. उसे ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 44 टेस्ट मैचों में से 28 में हार मिली है. जबकि उसने सिर्फ 7 मैच ड्रॉ कराए हैं और महज 5 टेस्ट में उसे जीत मिली है. इनमें से भी दो जीत तब मिली थी जब उनके बेस्ट खिलाड़ी कैरी पैकर में खेल रहे थे और पूर्व कप्तान बॉम सिम्पसन को 41 साल की उम्र में कप्तानी के लिए कहा गया था.

पिछले दो दौरों पर एक भी जीत नहीं
ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टीम इंडिया ने पिछले दो दौरों पर एक भी जीत हासिल नहीं की है. साल 2011-12 में टीम इंडिया का 0-4 से क्लीन स्वीप हुआ. वहीं साल 2014-15 में टीम इंडिया ने दो मैच गंवाए और दो मुकाबले ड्रॉ रहे. हालांकि ये डरावना इतिहास इस दौरे पर बदल सकता है. पिछले 10 सालों में ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर 3 बार हराकर साउथ अफ्रीका ने इस भ्रम को तोड़ दिया है कि ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर नहीं हराया जा सकता. मतलब भारतीय टीम के पास भी ऑस्ट्रेलिया में पहली बार तिरंगा लहराने का मौका है.

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कार्ल हूपर ने भी माना कि ऑस्ट्रेलिया को हराना बेहद मुश्किल है. हूपर ने बयान दिया, 'हां टीम इंडिया जीत की दावेदार है लेकिन ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर हराना बेहद मुश्किल है. मैं थोड़ा पीछे जाऊं तो इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम इंडिया से यही उम्मीदें थी. हालांकि फिर भी मैं अपना दांव युवा भारतीय बल्लेबाजी लाइन अप पर ही लगाऊंगा.'

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