टीम इंडिया ने कर दी टेस्ट सीरीज के पहले ये गलती, क्या हो पाएगा बेड़ा पार?
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साल 2011-12 में जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था तब उन्होंने सीरीज शुरू होने के पहले कुल 5 दिन तक प्रैक्टिस की थी और यही कम प्रैक्टिस उन्हें तब भारी पड़ी जब मेजबान टीम ने उन्हें 4-0 से रौंदा. इस दौरे पर टीम इंडिया की सबसे बेहतरीन बैटिंग लाइन अप- सहवाग, गंभीर, द्रविड़, तेंदुलकर, लक्ष्मण और धोनी थे. लेकिन एक बार भी टीम इंडिया एक पारी में 300 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाई. मौजूदा टीम इंडिया के पास भले ही तेंदुलकर के समय जैसा अनुभव न हो लेकिन 2014-15 सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था और 4-0 से हार को नकारते हुए 2-0 से हार झेली थी. लेकिन इसके बावजूद बीसीसीआई और टीम इंडिया मैनेजमेंट दौरे के पहले ज्यादा प्रैक्टिस को तवज्जो नहीं दे रही है.

एक बार फिर से कोच रवि शास्त्री और कप्तान कोहली क्वालिटी प्रैक्टिस मैचों में खेलन के लिए नहीं उतरे वहीं जो एकमात्र प्रैक्टिस मैच हुआ वह बारिश से प्रभावित हुआ. भारत ने इस साल द. अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में वनडे और टी20 सीरीज टेस्ट सीरीज के पहले खेली लेकिन इस बार उन्होंने नया ताना बाना बुना है और वे टी20 सीरीज पहले, बीच में टेस्ट सीरीज और सबसे बाद में वनडे सीरीज खेलेंगे.

टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का विदेशी पिचों पर खराब रिकॉर्ड जगजाहिर है. इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि विदेशों में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज में भारत को दो मैच जीतने में हमेशा दिक्कत हुई है. वहीं, ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल करना एशियाई टीमों के लिए सबसे दुर्जेय काम रहा है. यहां तक कि पाकिस्तान, जिनका विदेशी पिचों पर अपेक्षाकृत अच्छा रिकॉर्ड रहा है. वे भी ऑस्ट्रेलिया में सीरीज नहीं जीत पाए हैं.

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ज्योफ लासन ने कहा, "निश्चिततौर पर टीम इंडिया यहां प्रबल दावेदार के तौर पर शुरुआत नहीं करेगी. भारत का विदेशी सरजमीं पर रिकॉर्ड कोई बहुत बढ़िया नहीं रहा है. हां, उनके पास अच्छे मौके हैं लेकिन इसका मकलब ये नहीं है कि उन्हें जीत आसानी से मिल जाएगी."

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