30 साल में मिल पाई थी पहली जीत, अब 72 साल में जो नहीं हुआ वो हासिल करेगी नंबर 1 टीम!
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ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं टीम इंडिया के लिए हमेशा ही सबसे कठिन जगह रही है. इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कंगारुओं की इस ज़मीन पर भारतीय टीम को पहली जीत हासिल करने के लिए पूरे 30 साल लग गए थे और इसके लिए 11 टेस्ट मैच खेलने पड़े थे लेकिन अब भारत को वो हासिल करना है जो 72 साल में नहीं हुआ यानी ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीत. इसकी वजह है मौजूदा समय में टीम इंडिया का आईसीसी रैंकिंग में दबदबा.

टीम इंडिया टेस्ट रैंकिंग में अभी नंबर 1 पोजीशन पर है और ऑस्ट्रेलिया नंबर 5 पोजीशन पर है. यह पहला मौका है जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया नंबर 1 के ताज के साथ पहुंची है. भारतीय बल्लेबाजी पेपर पर ऑस्ट्रेलिया से कहीं मजबूत दिखाई देती है क्योंकि टेस्ट रैंकिंग की बात करें तो पहले नंबर पर भारत के विराट कोहली ही डटे पड़े हैं. वैसे ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और स्मिथ भी टॉप 5 में हैं लेकिन वे बैन चल रहे हैं इसलिए उनका फायदा ऑस्ट्रेलिया टीम को नहीं मिलने वाला. लेकिन भारतीय टीम को इस बात की चिंता जरूर होगी कि सिर्फ कोहली के दम पर ही पूरा खेल नहीं खेला जा सकेगा.

अगर सीरीज जीतनी है तो दूसरे बल्लेबाजों को भी योगदान देना होगा. अभ्यास मैच में तो अमूमन सभी बल्लेबाजों ने अपने हाथ दिखाए अब टेस्ट सीरीज में क्या अलग चीजें होंगी ये तो भविष्य ही तय करेगा. ऑस्ट्रेलिया की ताकत उनकी गेंदबाजी है. उनके चार गेंदबाज रैंकिंग में टॉप-20 में हैं. वहीं भारत के सिर्फ दो गेंदबाज ही हैं. ये दोनों गेंदबाज अश्विन और जडेजा हैं. जैसा कि टेस्ट ऑस्ट्रेलिया में खेला जा रहा है ऐसे में यह तय नहीं है कि दोनों को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी कि नहीं. वैसे टीम इंडिया का कोई भी तेज गेंदबाज टॉप-10 में नहीं है. लेकिन इस सीरीज में टीम इंडिया अपने तेज गेंदबाजों के दम पर दावा पेश करने के लिए तैयार है.

वैसे आपको बता दें कि जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में 1977-78 में पहला टेस्ट जीता था तब ऑस्ट्रेलिया की टीम बहुत कमजोर थी क्योंकि उस सीरीज में चैपल ब्रदर्स, डेनिस लिली और अन्य खिलाड़ी कैरी पैकर सीरीज की वजह से नहीं खेले थे. इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया टीम ने 10 साल पहले संन्यास ले चुके बॉब सिंपसन को बुलाया था. आज के हिसाब से देखें तो ये कुछ ऐसा ही है कि आज ऑस्ट्रेलिया, भारत के खिलाफ स्टीव वॉ को खेलने के लिए बुला ले. दिलचस्प बात ये रही कि तब भी भारतीय टीम सीरीज हार गई थी. वॉर्नर और स्मिथ के बगैर इस बार फिर से ऑस्ट्रेलिया टीम का वही हाल है ऐसे में टीम इंडिया का मकसद मैच जीतने के साथ सीरीज जीतने का भी होगा.

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