विनोद कांबली का वो रिकॉर्ड जो 'क्रिकेट के भगवान' भी नहीं तोड़ पाए
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29 जनवरी 1993 को कोलकाता के ईडन गार्डन में विनोद कांबली ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. विनोद कांबली और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर बचपन के दोस्त हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट मे दोनों का डेब्यू करीब-करीब एक साथ हुआ था, हालांकि दोनों का करियर काफी अलग रहा. कांबली भारत के लिए 17 टेस्ट मैच ही खेल सके, लेकिन उनके नाम ऐसे रिकॉर्ड्स हैं जिन्हें सचिन भी नहीं तोड़ सके. 21 साल की उम्र में टेस्ट में अपना डेब्यू करने वाले कांबली ने 23 साल की उम्र में अपना आखिरी टेस्ट खेला था. छोटा टेस्ट करियर होने के बावजूद उनके नाम आज भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं.

सबसे कम उम्र में डबल सेंचुरी
कांबली के नाम भारतीय टीम की ओर से सबसे कम उम्र में डबल सेंचुरी बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है. 21 साल 32 दिन की उम्र में कांबली ने इंग्लैण्ड के खिलाफ  मुबंई में खेले गए मैच में 224 रनों की पारी खेली थी और भारत की तरफ से सबसे कम उम्र में डबल सेंचुरी मारने वाले बल्लेबाज बने थे. बात करें सचिन तेंदुलकर की तो सचिन ने 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 26 साल की उम्र में दोहरा शतक लगाया था.

छक्के से रणजी की शुरुआत
कांबली ने 1989 में रणजी में डेब्यू किया था. कांबली ने रणजी का पहला मैच गुजरात के खिलाफ खेला था और छक्का मारकर अपना खाता खोला था.

दो टेस्ट मैचों में दो दोहरे शतक
1993 में कांबली ने दो टेस्ट मैचों में लगातार दो डबल सेंचुरी बनाकर एक और रिकॉर्ड कायम किया. उन्होंने पहले इंग्लैण्ड के खिलाफ 224 रनों की पारी खेली. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ 227 रनों की पारी खेलकर लगातार दो टेस्ट में दो दोहरे शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन
कांबली ने टेस्ट क्रिकेट की 14 पारियों में 1000 रन बनाए थे. वह भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. यहीं नहीं कांबली का औसत सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग जैसे बल्लेबाजों से अधिक है. उन्होंने 17 टेस्ट मैचों में 2 डबल सेंचुरी और 4 सेंचुरी के साथ 54.2 की औसत से 1084 रन बनाए हैं.

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