चैंपियंस ट्रोफी: बैट में लगी है चिप, ड्रोन भी है तैनात
इस बार चैंपियंस ट्रोफी के लिए बल्लेबाजों के लिए बैट में खास तरह का चिप लगाया गया है।


लंदन : क्रिकेट के खेल में तकनीक की अहमियत किसी से छिपी नहीं है। खिलाड़ी को आउट देने का मुश्किल मामला हो, तो कैमरे की नजर से थर्ड अंपायर और जब अंपायर के किसी निर्णय पर संदेह हो, तो डीआरएस। इसके अलावा खिलाड़ी मैच की तैयारी भी विरोधी टीम के खिलाड़ियों की विडियो क्लिप देखकर बनाते हैं और यहीं से उनकी कमजोरी और उनका मजबूत पक्ष भी तकनीक की सहायता से ही पकड़ते हैं। इस बार इंग्लैंड में खेली जा रही इस चैंपियंस ट्रोफी से क्रिकेट में यह तकनीक और दो कदम आगे बढ़ गई है। इस बार चैंपियंस ट्रोफी के लिए बल्लेबाजों के लिए बैट में खास तरह का चिप लगाया गया है। वहीं पिच का मिजाज समझने के लिए खास ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है।

क्रिकेट में पिच का क्या योगदान होता यह तो सभी को पता है। किसी टीम के कोच और कैप्टन पिच कंडिशंस को समझकर ही अपनी प्लेइंग 11 की टीम मैदान पर उतारते हैं, ताकि वह खेल की परिस्थितियों का जमकर फायदा उठा सकें। इस बार क्रिकेट के दिग्गज कॉमेंटेटर जब पिच रिपोर्ट बताएंगे, तो वे ड्रोन द्वारा ली गई तस्वीरों के आधार पर पिच का आकलन कर पिच रिपोर्ट पेश करेंगे। यह ड्रोन इंटेल फैल्कॉन ड्रोन 8 है, जिसमें एचडी और इंफ्रारेड कैमरा लगे हैं। 

ये खास कैमरे पिच की हर बारीकी को उजागर करने में अहम रोल प्ले करेंगे। पिच की जो तस्वीरें यह ड्रोन कैमरा लेगा, उसमें उच्च श्रेणी का विजुअल डाटा शो होगा, जो पिच पर घास की सही स्थिति, घास की सेहत, घास पर ओस की मौजूदगी, सूखापन, रफ, फुटमार्क आदि की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा। 

इसी तरह बैट में भी इंटेल के खास तौर के सेंसर्स लगाए गए हैं। यह सेंसर्स खिलाड़ियों को अपना खेल सुधारने में मदद करेंगे। यह सेसर्स खेलते समय खिलाड़ी की बैट स्पीट, बैट लिफ्ट, बैट एंगल और गेंद खेलते वक्त बैट की पोजिशन का डाटा सेव करेंगे, जिसे बाद में खिलाड़ी जांच सकेगा की वह किस गेंद को खेलने में कहां गलती कर रहा है।

यह सेंसर्स यह बताने में मददगार होंगे कि खिलाड़ी किस लेंथ की गेंद पर कब प्रहार के लिए तैयार हो रहा है और क्या वह अपना शॉट समय से पहले या बाद में खेल रहा है या गेंद को सही प्रकार से मिडल कर उसे उसके अंजाम तक पहुंचा रहा है।

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