CT : पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फ़ाइनल में पहुंचा पाकिस्तान इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया
सलामी बल्लेबाज अजहर अली ने 100 गेंद में 76 और फखर जमान ने 58 गेंद में 57 रन बनाकर टीम को बेहतरीन शुरुआत दी.


कार्डिफ: उलटफेर करने में माहिर पाकिस्तान ने बुधवार (14 जून) को शानदार फॉर्म में चल रही इंग्लैंड को आठ विकेट से हराकर पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर लिया. टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी के कप्तान सरफराज अहमद के फैसले को सही साबित करते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजों ने एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 49.5 ओवर में 211 रन पर समेट दिया. जवाब में 37.1 ओवर में दो विकेट खोकर जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया.

सलामी बल्लेबाज अजहर अली ने 100 गेंद में 76 और फखर जमान ने 58 गेंद में 57 रन बनाकर टीम को बेहतरीन शुरुआत दी. दोनों ने 127 गेंद में 118 रन की साझेदारी की. इस जीत ने टूर्नामेंट से पहले लगाये जा रहे तमाम कयासों को धता बता दिया चूंकि अब आठवीं रैंकिंग वाली टीम फाइनल में है जिसे सेमीफाइनल का दावेदार भी नहीं माना जा रहा था .

भारत के हाथों पहले मैच में मिली हार के बाद वापसी करते हुए पाकिस्तान ने अंतिम चार तक के सफर में दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका और फिर श्रीलंका को हराया. वहीं लीग चरण में एक भी मैच नहीं हारने वाली इंग्लैंड पर उसकी जीत के बारे में तो शायद उसके धुर प्रशंसकों ने भी नहीं सोचा होगा.

बल्लेबाजों की मददगार पिच पर जमान ने पहली ही गेंद से आक्रमण शुरू कर दिया. उसने अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया. पाकिस्तानी सलामी जोड़ी ने टूर्नामेंट में पहली बार शतकीय साझेदारी निभाई. तीसरे नंबर पर आये बाबर आजम 45 गेंद में 38 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि मोहम्मद हफीज ने 21 गेंद में नाबाद 31 रन बनाये.

फाइनल में पाकिस्तान का सामना भारत या बांग्लादेश से होगा. इससे पहले पाकिस्तान ने बेहतरीन गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए 49.5 ओवर में इंग्लैंड को आउट कर दिया. हसन अली ने 35 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि जुनैद खान ने 42 रन देकर दो और पहला मैच खेल रहे रूम्मान रईस ने 44 रन देकर दो विकेट लिये. युवा स्पिनर शादाब खान को एक विकेट मिला जबकि इमाद वसीम (0-16) और मोहम्मद हफीज (0-33) ने भी अच्छी गेंदबाजी की.

इंग्लैंड के लिये जो रूट (46), जानी बेयरस्टा (43) और ईयोन मोर्गन (33) ने कुछ देर टिककर बल्लेबाजी की, लेकिन उसके विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे. आखिर में हरफनमौला बेन स्टोक्स ने 34 रन बनाये जिससे इंग्लैंड की टीम 200 रन के पार पहुंच सकी.

इंग्लैंड को शुरुआती झटका छठे ओवर में लगा जब एलेक्स हेल्स को रईस ने बाबर आजम के हाथों लपकवाया. जासन रे की जगह अंतिम एकादश में शामिल किये गए जानी बेयरस्टा और रूट ने इंग्लैंड को 9.4 ओवर में 50 रन तक पहुंचाया. बेयरस्टा हालांकि ज्यादा देर टिक नहीं सके और हसन अली की गेंद पर डीप स्क्वेयर लेग में मोहम्मद हफीज को कैच देकर आउट हुए. उस समय इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 80 रन था. 

इसके बाद रूट का साथ देने कप्तान मोर्गन आये. दोनों 21.4 ओवर तक इंग्लैंड को 100 रन तक ले गए. दोनों ने तीसरे विकेट के लिये 48 रन जोड़े, लेकिन 18 बरस के स्पिनर शादाब खन ने 28वें ओवर में इस साझेदारी को तोड़ा.

गेंद को कट करने के प्रयास में रूट ने विकेटकीपर सरफराज को कैच थमा दिया. मोर्गन भी 32वें ओवर में अपना विकेट गंवा बैठे जिनका कैच भी विकेटकीपर ने ही लपका. तेज गेंदबाज जुनैद खान ने लगातार दो गेंदों पर जोस बटलर (4) और मोईन अली (11) को 35वें और 39वें ओवर में आउट किया. इंग्लैंड के छह विकेट 162 रन पर गिर गए थे. आदिल रशीद को स्थापानन्न अहमद शहजाद ने सीधे थ्रो पर आउट किया. स्टोक्स ने 64 गेंद तक टिककर बल्लेबाजी की और टीम को 200 रन के पार पहुंचाया.

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