पांचवां वनडे : भारत ने श्री लंका को हराया
भारत को जीत के लिए 239 रनों का लक्ष्य मिला था जो उसने 46.3 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।


कोलंबो  : कप्तान विराट कोहली के करियर के 30वें शतक और भुवनेश्वर कुमार की धारदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने मेजबान श्री लंका को पांचवें और आखिरी वनडे में 6 विकेट से हरा दिया है। इसके साथ ही भारत ने पांच वनडे मैचों की सीरीज 5-0 से अपने नाम की। यह पहली बार है जब किसी घरेलू सीरीज में श्री लंका का सफाया हुआ है। 

भारत को जीत के लिए 239 रनों का लक्ष्य मिला था जो उसने 46.3 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की ओर से कप्तान विराट कोहली ने नाबाद 110 रन बनाए। वहीं केदार जाधव ने 67 रनों का योगदान दिया।

भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शिखर धवन के स्थान पर टीम में शामिल किए गए अजिंक्य रहाणे इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए। वह केवल 5 रन बनाकर मलिंगा के शिकार बने। पुल करने के प्रयास में वह गेंद को नीचा नहीं रख पाए और मुनावीरा को कैच थमा बैठे। 

इसके बाद पिछले मैच में सेंचुरी लगाने वाले रोहित शर्मा केवल 16 रन बनाकर फर्नांडो की गेंद पर आउट हो गए। भारतीय टीम 29 रनों पर दो विकेट खोकर संकट में थी। इसके बाद कप्तान कोहली ने मनीष पांडेय के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने का काम शुरू किया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 99 रनों की भागीदारी हुई। पांडेय 36 रन बनाकर पुष्पकुमारा की गेंद पर आउट हुए। 

इसके बाद कप्तान का साथ देने आए हार्दिक पंड्या के स्थान पर टीम में आए केदार जाधव। जाधव ने कोहली के साथ मिलकर लंकाई टीम को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने अपने वनडे करियर की दूसरी हाफ सेंचुरी लगाई। कोहली और जाधव के बीच चौथे विकेट के लिए 109 रनों की भागीदारी हुई। इस बीच कोहली ने अपने वनडे करियर का 30वां शतक लगाया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी भी कर ली। जब टीम को जीत के लिए दो रनों की दरकार थी तब जाधव 63 रन बनाकर आउट हो गए। धोनी और कोहली ने इसके बाद औपचारिकता पूरी कर दी। 

इससे पहले, भुवनेश्वर कुमार के करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से भारत ने पांचवें और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आज यहां श्रीलंका को 238 रन के स्कोर पर रोक दिया। लाहिरु थिरिमाने (67) और एंजेलो मैथ्यूज (55) के बीच चौथे विकेट की 122 रन की साझेदारी की बदौलत श्री लंका की टीम एक समय तीन विकेट पर 185 रन बनाकर अच्छी स्थिति में दिख रही थी लेकिन पहली बार पांच विकेट चटकाने वाले भुवनेश्वर (42 रन पर पांच विकेट) और जसप्रीत बुमराह (45 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने टीम ने अंतिम सात विकेट 53 रन जोड़कर गंवा दिए और पूरी टीम 49.4 ओवर में 238 रन पर ढेर हो गई। 

थिरिमाने और मैथ्यूज की यह साझेदारी भारत के खिलाफ श्रीलंका की ओर से चौथे विकेट की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी है. इन दोनों ने कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने को पीछे छोडा जिन्होंने यहां आर प्रेमदासा स्टेडियम में ही जुलाई 2012 में चौथे विकेट के लिए 121 रन जोड़े थे। श्रृंखला में 4-0 से आगे चल रहा भारत अगर यह मैच भी जीत लेता है तो श्री लंका की सरजमीं पर पहली बार पांच मैचों की वनडे में क्लीनस्वीप करेगा। 

श्री लंका के कार्यवाहक कप्तान उपुल थरंगा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन उनकी 34 गेंद में 48 रन की पारी के बावजूद टीम 10वें ओवर में 63 रन तक तीन विकेट गंवाने के कारण संकट में थी। 

थरंगा ने भुवनेश्वर कुमार के पहले ओवर में चौके के साथ खाता खोला और फिर अगले ओवर में शारदुल ठाकुर पर भी चौका जडा। भुवनेश्वर ने निरोशन डिकवेला (02) को अपनी ही गेंद पर लपककर सीरीज का पहला विकेट हासिल किया। थरंगा ने ठाकुर पर तीन चौके मारे लेकिन दिलशान मुनावीरा (04) भुवनेश्वर की गेंद को हवा में खेल बैठे और मिड ऑफ पर कप्तान विराट कोहली ने बेहतरीन कैच लपका। 

थरंगा ने ठाकुर के ओवर में लगातार तीन चौकों के साथ 17 रन जुटाए। थरंगा ने जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद पर भी चौका जडा लेकिन अगली गेंद पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी को कैच दे बैठे। इस सलामी बल्लेबाज ने अपनी पारी में नौ चौके जडे जिसमें से सात उन्होंने ठाकुर पर मारे। 

अनुभवी मैथ्यूज और थिरिमाने ने इसके बाद पारी को संभाला। दोनों ने 18वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। थिरिमाने ने कुलदीप यादव (40 रन पर एक विकेट) पर दो चौके मारे और फिर युजवेंद्र चहल (36 रन पर एक विकेट) पर पारी का पहला छक्का जड़ा। थिरिमाने ने केदार जाधव की गेंद पर एक रन के साथ 83 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। 

मैथ्यूज ने कुलदीप की गेंद पर एक रन के साथ श्री लंका के लिए सीरीज की पहली शतकीय साझेदारी पूरी की। उन्होंने चहल की गेंद पर दो रन के साथ 79 गेंद में भारत के खिलाफ आठवां और कुल 35वां अर्धशतक पूरा किया। थिरिमाने इसके बाद भुवनेश्वर की अंदर आती गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश में विकेटों पर खेल गए। उन्होंने 102 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का मारा। 

दो ओवर बाद मैथ्यूज भी कुलदीप की गेंद पर धोनी को कैच देकर पवेलियन लौटे। उन्होंने 98 गेंद का सामना करते हुए चार चौके मारे। अगले ओवर में वानिंदु हसारंगा (09) रन आउट हुए जबकि चहल ने अकिला धनंजय (04) को धोनी के हाथों स्टंप कराया। 

धोनी इसके साथ ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 स्टंप करने वाले पहले विकेटकीपर बने। उन्होंने अपने 301वें मैच में यह उपलब्धि हासिल की। धोनी ने श्री लंका के ही संगकारा को पीछे छोड़ा जिनके नाम पर 404 मैचों में 99 स्टंपिंग दर्ज हैं। 

भुवनेश्वर की गेंद पर मिलिंदा श्रीवर्धने (18) ने छक्का जडा। बुमराह की गेंद पर मलिंदा पुष्पकुमार (08) भाग्यशाली रहे जब डीप मिडविकेट बाउंड्री पर शारदुल ने उनका कैच टपकाया और गेंद छह रन के लिए चली गई। बुमराह ने हालांकि इसी ओवर में उन्हें बोल्ड कर दिया। भुवनेश्वर ने इसके बाद श्रीवर्धने और लसिथ मलिंगा (02) को आउट करके श्रीलंका की पारी का अंत किया और पहली बार पांच विकेट हासिल किए।

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