तो फर्जी ही गढ़ी थी बीजेपी के इस युवा नेता ने खुद पर आतंकी हमले की कहानी, देश हुआ शर्मशार
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं सहित कई जानी मानी हस्तियों ने इस घटना की भत्सर्ना करते हए इसे आतंकियों की हताशा बताया था।


लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री अभिजात मिश्र पर जब पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के शोपियां क्षेत्र में आतंकी हमला हुआ था तब पूरा देश सनन हो गया था। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं सहित कई जानी मानी हस्तियों ने इस घटना की भत्सर्ना करते हए इसे आतंकियों की हताशा बताया था। खुद अभिजात ने आगे आकर भारत माता के सच्चे सपूत होने का दावा करते हुए कहा था मै ऐसी आतंकी घटनाओं से डरने वाला नही हूँ, मै भारत माँ का सच्चा सिपाही हूँ आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब दूँगा। पर अब जब इसमे का खुलासा हुआ है तो सच्चाई जानकर आप की नजरें भी शर्म से झुक जायेंगी।

भारत माता के सच्चे सपूत होने का दावा करने वाले अभिजात मिश्रा पक्का नौटंकीबाज है। राष्ट्रीयता की बुनियाद पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने व बीजेपी नेताओं की नजरों में अपना कद बढ़ाने के लिए इसने आतंकी हमले की झूठी कहानी गढ़ी और ये हम नही कह रहे बल्कि शोपियां के पुलिस के पिछले एक हफ्ते में आये दो विरोधभाषी बयान कह रहे है

जी हां! जब इस मामले की सच्चाई की पडताल में लखनऊ के कुछ पत्रकारों ने शोपिया के पुलिस उपाधीक्षक आशिक़ टक से व्हाट्स एप पर 7 सितम्बर को बातचीत की तो उन्होंने साफ तौर पर ऐसे किसी भी हमले से इनकार किया जिसका स्नैपशॉट पायनियर अलायन्स के पास मौजूद है सिर्फ इतना ही नही टेलीफोनिक बातचीत में भी आशिक़ टक ने साफ तौर पर  ऐसे किसी भी हमले से इनकार किया है। इस बातचीत की ऑडियो क्लिप भी हमारे पास मौजूद है।

हालांकि आज पायनियर अलायंस के संवाददाता अनुराग मिश्र ने आशिक टक से बात की तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शोपिया श्रीराम अम्बरकार से बात करने को कहा।

जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीराम अंबरकर से मामले में  संवाददाता अनुराग मिश्र ने बात की तो उन्होंने कहा कि ये हमला उनके जुडिक्शन में नही हुआ पर साथ ही में उन्होंने ये भी कहा कि मामले की जांच चल रही है।

अब सवाल ये उठता है कि जब एसएसपी साहब के जुडिक्शन में ये हमला हुआ ही नही तो फिर जांच किस मामले की चल रही है। एसएसपी का ये वर्जन ये बताने के लिए काफी है कि मामले में कुछ गड़बड़ है जिसे पुलिस सामने नही लाना चाहती है। 

बताने की जरूरत नही है कि जम्मू कश्मीर ने बीजेपी और पीडीएफ की साझा सरकार है ऐसे में जम्मू कश्मीर पुलिस इस मामले का पूरा सच सामने लाये इसकी संभावना न के बराबर है। पर पिछले एक सप्ताह में लखनऊ के अलग अलग पत्रकारों से हुई बात में शोपिया पुलिस का अलग अलग बयान ये बताने के लिए काफी है कि दाल काफी कुछ काला है।

आपको बता दे कि जब इस मामले में बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ताओं से संपर्क कर इस मामले में पार्टी के स्टैंड के बारे में पूछा तो पार्टी के किसी भी प्रवक्ता ने इस मामले टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

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