निकाय चुनावो की निष्पक्षता को भंग करने की साजिश है बीजेपी का छल-पत्र : अखिलेश यादव
Akhilesh yadav


लखनऊ, भारतीय जनता परतु के निकाय संकल्प पत्र को छल पत्र करार देते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्य्क्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव ने कहा है कि निकाय चुनावों की निष्पक्षता को भंग करने की साजिश के तहत बीजेपी ने निकाय चुनावों का ये छलपत्र जारी किया है।


अखिलेश ने कहा कि भाजपा के तथाकथित संकल्पपत्र की न कोई विश्वसनीयता है और न इनकी साख बची है। भाजपा नेता अपनी जेब में ओपियम की पुड़िया रखते हैं ताकि जनता को अपने झूठ से मदहोश कर सकें।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाता भूले नहीं है कि 8 महीने पहले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। भाजपा सरकार में हर तरफ अव्यवस्था और अराजकता फैली है। शहरों में गंदगी-कूड़े के ढ़ेर लगे हैं। बीमारियां फैल रही है। डेंगू से कितनी ही मौतें हो चुकी हैं गोरखपुर में सैकड़ो बच्चों की मौतें हो चुकी है। दवा और आक्सीजन के बगैर अस्पतालों में मौतें हो रही हैैं।


 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा राज में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है जबकि समाजवादी सरकार के समय अपराध की घटनाओं पर रोक लगी थी। आज दिन दहाड़े लूट अपहरण और बच्चियों तक से बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। लोग डरे-सहमें हैं।  


अखिलेश ने कहा कि भाजपा का चाल चरित्र कपटपूर्ण है। वह ऐसी दुस्साहसिक पार्टी है जो सोचती है कि अपने छलबल से फिर लोगों को गुमराह कर देगी। लेकिन भाजपा नेताओं को जानना चाहिए कि काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ती है। उनके झूठ और प्रपंच को जनता खूब पहचान गई है। इसे बर्दाश्त करने का उसका सब्र भी टूट गया है। भाजपा अबमतदाताओं की परीक्षा लेने का काम नहीं करे। 


पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सामने विकल्प है समाजवादी पार्टी जिसने जो वादा किया वह समय से पहले निभा दिया। समाजवादी सरकार का कार्यकाल बेदाग है और समाजवादी सरकार के नाम विकास के कई कीर्तिमान हैं। भाजपा जो कहती है, करती नहीं है। जबकि समाजवादी पार्टी की कथनी करनी में एकरूपता है। मतदाता समाजवादी पार्टी केप्रत्याशियों के पक्ष में निर्णय अवश्य करेंगे। 

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